स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार प्लेयर रिंकू सिंह इन दिनों मैदान से दूर एक बेहद निजी और भावनात्मक चुनौती का सामना कर रहे हैं। उनके पिता खानचंद सिंह को गंभीर हालत में ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें चौथे चरण का लिवर कैंसर है और फिलहाल आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन हालत को देखते हुए उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जा रहा है।
पिता की अचानक बिगड़ी तबीयत के चलते रिंकू सिंह को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से पहले टीम का साथ छोड़कर घर लौटना पड़ा। यह फैसला उनके लिए बेहद कठिन रहा, क्योंकि टीम सुपर 8 राउंड में पहुंचने की जद्दोजहद में है और हर खिलाड़ी की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनकी अनुपस्थिति ने टीम प्रबंधन की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि आने वाले मुकाबलों में उनका अनुभव और आक्रामक बल्लेबाजी भारत के लिए अहम साबित हो सकती थी।
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खानचंद्र सिंह को किसी विशेष दर्जे के बजाय एक सामान्य मरीज की तरह भर्ती किया गया है। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। यह समय रिंकू सिंह और उनके परिवार के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि एक ओर देश के लिए खेलने की जिम्मेदारी है तो दूसरी ओर पिता का स्वास्थ्य। इस मुश्किल घड़ी में क्रिकेट से बड़ा परिवार का साथ साबित हुआ है।
रिंकू सिंह की अनुपस्थिति भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जिम्बाब्वे के खिलाफ निर्णायक मुकाबले से पहले उनका टीम से अलग होना चयन और संयोजन दोनों पर असर डाल सकता है। हालांकि, यह भी साफ है कि खिलाड़ी के लिए परिवार सर्वोपरि होता है और ऐसे समय में उनका निर्णय मानवीय और संवेदनशील दोनों माना जा रहा है। अब सभी की नजर उनके पिता के स्वास्थ्य और उनकी संभावित वापसी पर टिकी हुई है।