Farmer Protest : शांति बनाए रखने के आश्वासन के बाद भी शंभू बॉर्डर पर हंगामा, एक किसान की मौत, आंसू गैस के गोले छोड़े; पंजाब में दिखा भारत बंद का असर

नई दिल्ली। किसानों और सरकार के बीच बैठक के बाद भी बात बनते हुए दिखाई नहीं दे रही है। बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय अर्जुन मुंडा ने बातचीत को काफी सकारात्मक बताया था। इसी के साथ ये बात भी कही गई थी कि अब रविवार को फिर से बैठक होगी। तब तक दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया था। लेकिन हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। किसानों ने दोबार हंगामा किया, जिसके बाद उन्हें काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं, हरियाणा के अंबाला में शंभू बॉर्डर पर एक किसान की मौत हुई है। इसी के साथ भारत बंद का असर भी कई जगह पर देखने को मिल रहा है।
किसान आंदोलन में पहली मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 65 साल के ज्ञान सिंह किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। वे बाकी किसानों के साथ मिलकर शंभू बॉर्डर पर धरना दे रहे थे। गुरुवार देर शाम उनके सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें नज़दीकी अस्पताल में ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई है।
पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
शांति बनाए रखने के आश्वासन देने के बाद भी हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पर किसानों ने फिर से हंगामा किया। जिसके जबाव में हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड के पास आने की कोशिश की।पंचकूला के चंडी मंदिर टोल पर आवाजाही शुरू
हरियाणा में 3 बजे के बाद किसान टोल प्लाजा से वापस लौटने लगे हैं। पंचकूला के चंडी मंदिर टोल पर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई है। शंभू बॉर्डर पर डटे किसानों के समर्थन में BKU (चढ़ूनी गुट) ने दोपहर 12 से 3 बजे टोल फ्री करने का ऐलान किया था।
हरियाणा, पंजाब और हिमाचल में दिखा भारत बंद का असर
भारत बंद के ऐलान के बाद हरियाणा, पंजाब और हिमाचल में बाजार बंद हैं। वहीं, रोडवेज की बसें नहीं चल रही हैं। राजस्थान में हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बंद का असर है। BKU (चढ़ूनी) के कार्यकर्ताओं ने हरियाणा के कई टोल नाकों को 3 घंटे के लिए फ्री कराया गया।किसानों की मांगें जायज : पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक
पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक ने कहा कि किसानों की कड़ी मेहनत से उगाई सब्जियां, अनाज, दूध दिल्ली में आ सकते हैं। फिर उसे पैदा करने वाले किसान अपना हक मांगने के लिए दिल्ली क्यों नहीं आ सकते? किसानों की मांग बिल्कुल सही है, मोदी सरकार जल्द से जल्द उन्हें पूरा करें।
अगली बैठक में किसानों के मुद्दे सुलझाने की दिशा में काम होगा - अनुराग ठाकुर
किसान के साथ बैठक को लेकर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ''किसानों से चर्चा के लिए अगला दिन रविवार तय किया गया है। मुझे उम्मीद है कि अगली चर्चा सही माहौल में होगी और हम किसानों के मुद्दे को सुलझाने और समझने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।












