चुनाव आयोग को EVM जांच के लिए मिले आवेदन, 6 राज्यों की 8 लोकसभा सीटों पर गड़बड़ी की शिकायत

नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। चुनाव आयोग को लोकसभा चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद से ईवीएम में लगी माइक्रो-कंट्रोलर चिप में छेड़छाड़ या हेरफेर संबंधी जांच के लिए भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य दलों के उम्मीदवारों से 8 आवेदन मिले हैं। आयोग अब इन 8 सीटों की 92 पोलिंग स्टेशन पर EVM की जांच करेगा।
6 राज्यों की 8 लोकसभा सीटों पर में हरियाणा- तमिलनाडु की 2-2 सीटें शामिल हैं। जबकि छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की 1-1 सीटें हैं। इने 8 सीटों में से भाजपा को 3 और कांग्रेस को 2 सीटों में जीती मिली थी। वहीं, 3 सीटों पर अन्य पार्टियों ने जीत दर्ज की है।
अहमदनगर (महाराष्ट्र) से बीजेपी के उम्मीदवार सुजय विखे पाटिल ने 40 मतदान केंद्रों से संबंधित ईवीएम की जांच कराने की मांग की है। विखे पाटिल राकांपा (शरद पवार) गुट के नीलेश लंके से हार गए थे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कषगम (डीएमडीके) के एक-एक उम्मीदवार ने भी जांच के लिए आवेदन किया है।
चुनाव आयोग द्वारा एक जून को जारी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार, दूसरे या तीसरे स्थान पर आने वाले उम्मीदवारों को ईवीएम सेट के लिए 47,200 रुपए का भुगतान करना होगा। संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार, ईवीएम की जांच और सत्यापन के लिए ईवीएम बनाने वाली कंपिनयों-भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) ने 40,000 रुपए (और 18 फीसदी जीएसटी) की राशि तय की है। ईवीएम के एक सेट में कम से कम एक बैलेट यूनिट, एक कंट्रोल यूनिट और एक वीवीपैट मशीन होती है।
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बीजेपी के उम्मीदवार ने की जांच की मांग
इतना करना होगा भुगतान









