ईरान की सेना ने रविवार को दावा किया कि उसने देश के दक्षिणी तट और होर्मुज द्वीप के पास एक दुश्मन के F-15 फाइटर जेट को मार गिराया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से की।

ईरानी समाचार एजेंसी Fars News Agency के अनुसार, इस हमले का एक वीडियो भी जारी किया गया है। वीडियो में एयर डिफेंस सिस्टम को F-15 विमान को लॉक करते हुए दिखाने का दावा किया गया है। हालांकि इस घटना की अभी तक अमेरिका या उसके मध्य-पूर्वी सहयोगी देशों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के दौरान अमेरिका को कई सैन्य नुकसान हुए हैं। अब तक अमेरिका के कम से कम 17 सैन्य एयरक्राफ्ट नष्ट होने की बात सामने आई है। इनमें 12 ड्रोन और 4 मानव संचालित विमान शामिल हैं। इसके अलावा एक F-35 फाइटर जेट को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
सबसे ज्यादा नुकसान ड्रोन सेक्टर में हुआ है। अमेरिका के 12 MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराए जाने का दावा किया गया है। यह अत्याधुनिक ड्रोन लंबे समय तक निगरानी और सटीक हमलों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें हेलफायर मिसाइलें लगी होती हैं और यह करीब 27 घंटे तक हवा में उड़ान भर सकता है। एक रीपर ड्रोन की कीमत करीब 250 करोड़ रुपये बताई जाती है।
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रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में तीन F-15 लड़ाकू विमानों को कुवैत की वायुसेना ने गलती से दुश्मन समझकर मिसाइल से निशाना बना दिया। ये सभी विमान ईरान के खिलाफ मिशन पर थे। इस हादसे में तीनों पायलट्स की मौत हो गई। F-15 भले ही पुराना प्लेटफॉर्म है, लेकिन इसे आज भी बेहद ताकतवर लड़ाकू विमान माना जाता है।
एक अन्य घटना में KC-135 Stratotanker टैंकर विमान इराक के ऊपर एक रिफ्यूलिंग मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में सवार सभी 6 क्रू मेंबर्स की मौत हो गई। यह विमान हवा में फाइटर जेट्स को ईंधन भरने का काम करता है और लंबी दूरी के मिशनों के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।