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PM E-DRIVE scheme:दिल्ली में इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगा बड़ा बूस्ट, 2800 नई AC बसें बढ़ाएंगी पब्लिक ट्रांसपोर्ट की रफ्तार

दिल्ली सरकार पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 2800 नई एयर-कंडीशन्ड इलेक्ट्रिक बसें अपने बेड़े में जोड़ने जा रही है। ये बसें राजधानी के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाएंगी और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी। इस कदम से प्रदूषण कम होगा, यातायात व्यवस्था सुधरेगी और दिल्ली को स्वच्छ परिवहन की दिशा में बड़ा फायदा मिलेगा।
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दिल्ली में इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगा बड़ा बूस्ट, 2800 नई AC बसें बढ़ाएंगी पब्लिक ट्रांसपोर्ट की रफ्तार
फाइल फोटो

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 2800 नई इलेक्ट्रिक बसों को डीटीसी बेड़े में शामिल करने की योजना तैयार की है। यह पूरा प्रोजेक्ट राजधानी में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी बल्कि शहर में बढ़ते प्रदूषण पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।

2800 इलेक्ट्रिक बसों से बदलेगा ट्रांसपोर्ट सिस्टम

नई योजना के तहत जो 2800 बसें शामिल की जाएंगी, वे पूरी तरह इलेक्ट्रिक और एयर-कंडीशन्ड होंगी। इनमें 1400 नौ मीटर लंबी और 1400 बारह मीटर लंबी बसें शामिल हैं। इन बसों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ये भीड़भाड़ वाले मार्गों के साथ-साथ छोटे और फीडर रूट पर भी आसानी से चल सकें। इससे यात्रियों को शहर के किसी भी हिस्से तक पहुंचने में ज्यादा सुविधा मिलेगी।

लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा

दिल्ली के कई बाहरी और कम विकसित इलाकों में अभी भी सार्वजनिक परिवहन की पहुंच सीमित है। नई इलेक्ट्रिक बसों के आने से इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। लोग अपने घर से मेट्रो या मुख्य बस रूट तक आसानी से पहुंच सकेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो और लोग अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।

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पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण पर फोकस

दिल्ली में वायु प्रदूषण लंबे समय से एक बड़ी समस्या बना हुआ है। सरकार का दावा है कि इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ने से डीजल और पेट्रोल वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन घटेगा। इससे शहर की हवा की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

पहले से बेहतर प्रदर्शन दे रही इलेक्ट्रिक बसें

दिल्ली में पहले से चल रही नौ मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसों के नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं। ये बसें छोटे रूट और लोकल कनेक्टिविटी में बेहद उपयोगी साबित हुई हैं। इसी अनुभव के आधार पर सरकार अब बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार करने जा रही है, ताकि पूरे शहर में एक मजबूत और संतुलित परिवहन नेटवर्क तैयार किया जा सके।

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2028-29 तक 14,000 बसों का लक्ष्य

दिल्ली सरकार ने दीर्घकालिक योजना के तहत वर्ष 2028-29 तक सार्वजनिक बसों की संख्या बढ़ाकर लगभग 14,000 करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों की हिस्सेदारी को लगातार बढ़ाया जाएगा। सरकार का फोकस एक ऐसा ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार करने पर है जो आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हो।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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