पल्लवी वाघेला, भोपाल। इन दिनों ऑनलाइन इंफ्लूएंसर के साथ ही ऑनलाइन टीचर्स को लेकर भी बच्चों में खासी दीवानगी है। इसी के चलते एक बच्चा यूपी से भोपाल तक आ पहुंचा। दरअसल, किशोर ऑनलाइन क्लासेस में जिन टीचर्स से पढ़ रहा था, उनका फैन था और जब उसे जानकारी मिली कि ये टीचर्स भोपाल आ रहे हैं तो वह घर से निकल आया। हालांकि, बाद में खुलासा हुआ कि बच्चे के दोस्तों ने उससे मजाक किया था। मामले में किशोर को परिवार को सौंप दिया गया है।
किशोर ने बताया कि उसने क्लास 9वीं में ऑनलाइन नेक्स्ट टॉपर्स नामक क्लासेस से पढ़ाई की है। इसके पहले उसने अपनी दो साल बड़ी बहन को भी इन्हीं क्लासेस से स्टडी करते देखा था और तब से ही वह इसके टीचर्स खासकर साइंस पढ़ाने वाले प्रशांत भैया का फैन था। किशोर ने कहा कि उसकी हार्दिक तमन्ना है कि वह एक बार इन तीनों और खासकर प्रशांत भैया से मिल सके। उसे पता है कि क्लासेस के फाउंडर भोपाल से हैं। बीते हफ्ते उसके दोस्तों ने उसे बताया कि भोपाल में उनका इवेंट हो रहा है और वहां प्रशांत भैया से भी मिल सकते हैं। बच्चे ने कहा कि घर में कहता तो कोई उसे आने नहीं देता क्योंकि 10वीं की उसकी क्लासेस शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में कोई उसे क्लासेस मिस नहीं करने देगा। इसलिए वह बिना बताए घर से निकल आया।
उसने नेट पर भोपाल के लिए ट्रेन सर्च की। पॉकेट मनी से बचाए पैसों से ऑनलाइन टिकट बुक किया और भोपाल पहुंच गया। यहां उसे जिस जगह इवेंट के होने की जानकारी थी, वहां तक वह पहुंच गया, लेकिन यहां पता चला कि इस तरह के इवेंट की कोई चर्चा नहीं है। किशोर ने कहा कि वह खुद फोन लेकर नहीं आया था क्योंकि घर वाले उसे तुरंत ट्रेस कर लेते, उसने एक राहगीर की मदद से दोस्त को फोन किया तब उसने बताया कि उन लोगों ने तो यूं ही मजाक किया था। दोस्त ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि वह घर छोड़कर भोपाल पहुंच जाएगा। दोस्त ने यह भी बताया कि उसके घर वाले उसे खोज रहे हैं।
किशोर डांट पड़ने के डर से घबरा गया लेकिन राहगीर ने उसके परिवार और पुलिस दोनों को सूचना दी। इसके बाद किशोर को रेस्क्यू किया गया। परिवार भी जल्द ही भोपाल पहुंच गया।
किशोर के पिता ने बताया कि वह स्कूल के लिए निकला था, लेकिन जब घर नहीं पहुंचा तो उन्होंने खोजबीन शुरू की। उसके दोस्तों से भी पूछा उन्होंने भी किसी तरह की जानकारी से मना कर दिया। बाद में उसके एक दोस्त ने खुद फोन करके उन्हें बताया कि शायद वह भोपाल गया हो। दोस्तों ने अपनी गलती भी मानी।
बीते तीन साल में ऐसा चौथा मामला प्रकाश में आया है। इसके पहले साल 2024 में एक और 2025 में दो बच्चे ऑनलाइन टीचर से प्रभावित होकर उनसे मिलने के लिए घर छोड़कर निकले थे।