🌤️
--Bhopal, India

इंदौर ब्रजेश्वरी हादसा: 8 मौतों के बाद EV गाड़ी पर उठे सवाल,इंजीनियर बोले— सामान्य चार्जिंग प्लग से करते है गाड़ी चार्ज

Follow on Google News
इंजीनियर बोले— सामान्य चार्जिंग प्लग से करते है गाड़ी चार्ज
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। ब्रजेश्वरी क्षेत्र में हुए दर्दनाक अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद पूरे शहर में इलेक्ट्रिक (EV) गाड़ियों को लेकर भय और भ्रम का माहौल है। आम लोगों के मन में यह धारणा बन गई है कि घर के बाहर चार्जिंग पर लगी EV गाड़ी में फॉल्ट के कारण ही यह बड़ा हादसा हुआ। हालांकि ऑटोमोबाइल क्षेत्र के अनुभवी इंजीनियरों ने इस धारणा को पूरी तरह सही मानने से इनकार किया है।

    इंदौर के दो अनुभवी इंजीनियरों—सचिन और संदीप—ने, जो लंबे समय तक Audi, Skoda, Volkswagen, Hyundai और Ford जैसी बड़ी कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं, इस मामले में तकनीकी पहलुओं को सामने रखा।

    सवाल: आपने किन-किन कंपनियों में काम किया है?

    जवाब (इंजीनियर):
    मैंने Audi, Skoda, Volkswagen जैसी बड़ी और इम्पोर्टेड कंपनियों के साथ काम किया है।

     

     सवाल: ब्रजेश्वरी हादसे को लेकर कहा जा रहा है कि EV गाड़ी में फॉल्ट था, क्या यह सही है?

    जवाब:
    ऐसा सीधे तौर पर कहना सही नहीं होगा। हर EV गाड़ी में auto cut-off फीचर होता है, जो फुल चार्ज होने पर पावर सप्लाई बंद कर देता है।
    हालांकि, संभावना यह हो सकती है कि—

    • चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ हो
    • या फिर पावर सप्लाई (लोड) पर्याप्त न रही हो
    • बैटरी क्षमता और चार्जिंग लोड में असंतुलन भी कारण बन सकता है

     

     सवाल: क्या EV गाड़ियां सुरक्षित हैं?

    जवाब:
    EV गाड़ियां पूरी तरह सुरक्षित होती हैं। चाहे भारतीय कंपनी हो या विदेशी, सभी गाड़ियों में कई सेफ्टी फीचर्स होते हैं।

    • किसी भी बड़े फॉल्ट पर सिस्टम खुद पावर कट कर देता है
    • अलग-अलग कनेक्शन और सुरक्षा लेयर दी जाती हैं

     

     सवाल: महंगी गाड़ियों जैसे Porsche Taycan या Lamborghini में आग लगने के मामले सामने आए, क्या ओवरहीटिंग वजह है?

    जवाब:
    लिथियम बैटरी अचानक नहीं फटती, लेकिन—

    • ज्यादा ओवरहीटिंग होने पर खतरा बढ़ सकता है
    • मेंटेनेंस और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की स्थिति भी अहम होती है
    • हर गाड़ी पहले से फॉल्ट इंडिकेशन देती है

     

     सवाल: EV गाड़ी में फॉल्ट होने पर क्या गाड़ी लॉक हो जाती है और बाहर निकलना मुश्किल होता है?

    जवाब:
    नहीं, यह पूरी तरह भ्रांति है।

    • गाड़ियां ऑटो लॉक नहीं होतीं
    • उल्टा, इमरजेंसी में ऑटो अनलॉक हो जाती हैं
    • हर गाड़ी में इमरजेंसी एग्जिट ऑप्शन दिया जाता है

     

     सवाल: क्या EV गाड़ियों की सर्विस कहीं भी करवाई जा सकती है?

    जवाब:
    नहीं, EV गाड़ियों को हमेशा अधिकृत शोरूम पर ही दिखाना चाहिए।

    • आफ्टर मार्केट में अभी एक्सपर्ट्स की कमी है
    • छोटी गलती भी बड़ा खतरा बन सकती है

     

     सवाल: क्या चार्जिंग पॉइंट हादसे की वजह हो सकता है?

    जवाब (दूसरे इंजीनियर):
    संभावना ज्यादा चार्जिंग सिस्टम में ही होती है।

    • हर कंपनी auto cut-off देती है
    • अगर सही वोल्टेज नहीं मिला या गलत चार्जिंग हुई, तो खतरा बढ़ सकता है

     

     सवाल: आम जनता के लिए क्या सावधानी जरूरी है?

    जवाब:

    • हमेशा सही वोल्टेज से चार्जिंग करें
    • जैसे मोबाइल को सही चार्जर से चार्ज करते हैं, वैसे ही EV को भी
    • गलत चार्जिंग से बैटरी खराब या शॉर्ट सर्किट हो सकता है

    एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर EV गाड़ी में ऑटो कट-ऑफ सिस्टम होता है, जो बैटरी फुल चार्ज होने पर स्वतः पावर सप्लाई बंद कर देता है। ऐसे में केवल गाड़ी में फॉल्ट के कारण इतनी बड़ी घटना होना सामान्य स्थिति में संभव नहीं माना जाता। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि चार्जिंग के दौरान पावर सप्लाई (लोड) सही न हो, वोल्टेज में असंतुलन हो या शॉर्ट सर्किट जैसी स्थिति बने, तो हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इंजीनियरों ने बताया कि अलग-अलग EV गाड़ियों की बैटरी क्षमता के अनुसार 5 किलोवॉट, 11 किलोवॉट  तक का लोड आवश्यक होता है। यदि चार्जिंग पॉइंट उस क्षमता के अनुरूप नहीं है, तो ओवरलोड या तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति बन सकती है, जो खतरनाक साबित हो सकती है।

     

    फिलहाल ब्रजेश्वरी हादसे की जांच के लिए टीम गठित की गई है और वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। लेकिन प्रारंभिक तौर पर यह साफ है कि केवल EV गाड़ी को दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी, जबकि चार्जिंग सिस्टम और तकनीकी लापरवाही भी इस हादसे की बड़ी वजह हो सकती है।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

    icon

    Latest Posts