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दो बूंदें जिंदगी की… बच्चों को घर-घर पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक, 12 से 14 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

प्रदेश के मेला स्थलों, बाजारों, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, तथा अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 1400 ट्रांजिट बूथ स्थापित किए जा रहे हैं।
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दो बूंदें जिंदगी की… बच्चों को घर-घर पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक, 12 से 14 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मध्य प्रदेश। 12 अक्टूबर से तीन दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान होगा शुरू 

    केंद्र की मोदी सरकार के निर्देशानुसार, भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए लगातार राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में 12 से 14 अक्टूबर 2025 तक तीन दिवसीय विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल का बयान: पोलियो मुक्त भारत में जनसहभागिता जरूरी

    उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि “पोलियो मुक्त भारत” हमारी सामूहिक जागरूकता और जनसहभागिता का परिणाम है। इसे बनाए रखने के लिए निरंतर सजग रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत के कुछ सीमावर्ती राज्यों में अभी भी पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं, इसलिए सतर्कता बच्चों की सुरक्षा की कुंजी है।

    18 जिलों में विशेष अभियान की रूपरेखा

    मध्य प्रदेश सरकार नौनिहालों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से 12 से 14 अक्टूबर तक प्रदेश के 18 जिलों — अनूपपुर, बैतूल, भिंड, भोपाल, छिंदवाड़ा, दतिया, देवास, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, खंडवा, खरगौन, मंडला, मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर और नीमच — में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अतिरिक्त चरण का आयोजन किया जा रहा है।

    64 हजार वैक्सीनेटर्स बच्चों को देंगे पोलियो की खुराक

    अभियान के दौरान 18 जिलों में लगभग 39.19 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य में 64 हजार वैक्सीनेटर्स सक्रिय रहेंगे। अभियान के प्रथम दिवस यानी “पोलियो रविवार” को 24 हजार पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहां 7 हजार टीमें घर-घर जाकर दवा पिलाने का कार्य प्रारंभ करेंगी। दूसरे और तीसरे दिन कुल 31 हजार टीमें घरों का भ्रमण कर छूटे हुए बच्चों को दवा उपलब्ध कराएंगी।

     सार्वजनिक स्थलों और हाई रिस्क इलाकों में विशेष प्रबंध

    प्रदेश के मेला स्थल, बाजार, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 1400 ट्रांजिट बूथ स्थापित किए जाएंगे। ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे ईंट भट्टे, क्रेशर स्थल, निर्माणाधीन क्षेत्र, झुग्गी बस्तियाँ, स्लम, पैरी-अर्बन और दुर्गम वनग्रामों में 500 मोबाइल टीमें सक्रिय रूप से काम करेंगी।

    निरंतर जागरूकता और सतर्कता से ही पोलियो मुक्त भारत संभव

    पोलियो से बच्चों की सुरक्षा के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग की सतत कोशिशें और आमजन की जागरूकता ही भारत को पूरी तरह पोलियो मुक्त बनाए रखने में सहायक होंगी।

    Aditi Rawat
    By Aditi Rawat

    अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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