भोपाल। बिहार विधानसभा चुनाव के रिजल्ट में एक बार फिर बिहार में NDA की सरकार बनते दिख रही है। भाजपा, जनता दल यू और उनकी सहयोगी पार्टियों ने करीब 200 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है। स्पष्ट हो गया है कि इस बार NDA रिकॉर्ड सीटों के साथ सरकार बनाने जा रही है। वहीं, कांग्रेस, राजद और उनके सहयोगियों को अभूतपूर्व हार का मुंह देखना पड़ रहा है। ऐसे में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने हार की वजह एसआईआर बताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा है कि 'जो मेरा शक था वही हुआ। 62 लाख वोट कटे 20 लाख वोट जुड़े उसमें से 5 लाख वोट बिना SIR फॉर्म भरे बढ़ा दिए गए। अधिकांश वोट गरीबों के दलितों के अल्पसंख्यक वर्ग के कटे है। EVM पर तो शंका बनी हुई है।'
दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस हाईकमान को एक सलाह दी है। उन्होंने लिखा कि 'कांग्रेस को अपने संगठन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। आज का चुनाव मतदान केंद्र पर सघन जनसंपर्क का है ना कि रैली व जनसभा का। विजयी प्रत्याशियों को बधाई एवं शुभकामनाएं।'
हालांकि नतीजे आने से पहले ही एक अन्य पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने लिखा था कि 'बिहार चुनाव में एक तरफ़ है डबल इंजन की सरकार द्वारा जनता से टैक्स में लिया धन और उन्हीं को बांटने के लिए अपार धन। बिहार व केंद्र सरकार का प्रशासन तंत्र केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्यों से बुलाया गया पुलिस और चुनाव आयोग। दूसरी तरफ है बिहार की जनता का विशेष कर युवाओं का जन सैलाब। देखते हैं कौन जीतता है। जय सिया राम।' गौरतलब है कि बिहार चुनाव के दौरान दिग्विजय सिंह ने एक दौरा राज्य का किया था और अपनी पार्टी के लिए प्रचार किया था। चुनाव में जनता ने बदलाव को पूरी तरह नकार दिया है।