नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के प्रेम नगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां पिटबुल नस्ल के कुत्ते ने 6 साल के मासूम बच्चे पर अचानक हमला कर दिया। हमले में बच्चे का दाहिना कान कटकर अलग हो गया और उसके सिर और चेहरे पर गहरे घाव आए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने आक्रामक कुत्तों के मालिकों की जिम्मेदारी पर नई बहस छेड़ दी है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना पिछले 23 नवंबर की शाम को हुई। बच्चा विनय एन्क्लेव में अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान पड़ोसी का पालतू पिटबुल अचानक सड़क पर आ गया और बिना किसी उकसावे के मासूम पर हमला कर दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि, बच्चा भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कुत्ते ने उसे पकड़ लिया और जमीन पर घसीटते हुए गंभीर रूप से काटा।
बच्चे की चीख सुनकर एक महिला और एक पड़ोसी दौड़े और बच्चे को कुत्ते की पकड़ से छुड़ाने की कोशिश की। महिला ने कुत्ते को खींचने की पूरी कोशिश की, जबकि पड़ोसियों और माता-पिता ने बच्चे को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद बच्चे को रोहिणी के बीएसए अस्पताल ले जाया गया, फिर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चे का इलाज अभी भी चल रहा है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस ने पिटबुल के मालिक 50 वर्षीय राजेश पाल को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला है कि, इस कुत्ते तो डेढ़ साल पहले पाल का बेटा सचिन पाल घर लाया था। राजेश पाल पेशे से दर्जी हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 291 (पशुओं के प्रति लापरवाही) और धारा 125(b) (लापरवाही से दूसरों की जान को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज किया है।
इस घटना ने एक बार फिर पालतू जानवरों की सुरक्षा और जिम्मेदार पालन-पोषण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया यूजर्स ने आक्रामक कुत्तों के मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एमसीडी की टीम ने पिटबुल को अपने कब्जे में लेकर शेल्टर होम भेज दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में निर्देश दिए थे कि आवारा कुत्तों को तुरंत पकड़कर नसबंदी के बाद शेल्टर होम में रखा जाए और इस काम में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। बावजूद इसके, इस प्रकार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।