Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

DU में क्लासरूम-गोबर विवाद : DUSU अध्यक्ष ने प्रिंसिपल ऑफिस की दीवारों पर लगाया गोबर, VC बोले- रिसर्च घर से शुरू करें

DU में क्लासरूम-गोबर विवाद : DUSU अध्यक्ष ने प्रिंसिपल ऑफिस की दीवारों पर लगाया गोबर, VC बोले- रिसर्च घर से शुरू करें
नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी के लक्ष्मीबाई कॉलेज में इन दिनों गर्मी से राहत पाने का देसी तरीका विवादों में है। कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. प्रत्यूष वत्सला ने कक्षाओं की दीवारों पर गोबर और मिट्टी का लेप कराया। उनका दावा है कि, यह एक रिसर्च प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिससे कमरों का तापमान कम किया जा सकता है। वहीं दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (DUSU) प्रेसिडेंट रौनक खत्री ने मंगलवार को प्रिंसिपल प्रत्यूष वत्सला के ऑफिस की दीवारों पर गाय का गोबर लगा दिया।

गोबर लीपते वीडियो से मचा हंगामा

प्रिंसिपल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे खुद एक क्लास की दीवार पर गोबर लगाती दिखीं। उन्होंने कहा कि, यह “पारंपरिक भारतीय ज्ञान का उपयोग करके थर्मल स्ट्रेस कंट्रोल” विषय पर चल रहे शोध का हिस्सा है। प्रोजेक्ट की निगरानी कॉलेज की ही एक फैकल्टी सदस्य कर रहा है और इसका डेटा एक हफ्ते में सार्वजनिक किया जाएगा।

DUSU प्रेसिडेंट ने जताया विरोध

प्रिंसिपल के इस कदम का विरोध करते हुए मंगलवार (15 अप्रैल) को DUSU अध्यक्ष रौनक खत्री कॉलेज पहुंचे और प्रिंसिपल ऑफिस की दीवारों पर गोबर का लेप लगा दिया। प्रिंसिपल उस वक्त ऑफिस में नहीं थीं, इसलिए खत्री ने वाइस प्रिंसिपल से बात की और कहा- "जब छात्र गोबर से ठंडा माहौल झेल सकते हैं तो प्रिंसिपल भी इसमें काम कर सकती हैं।"

DUSU अध्यक्ष बोले- ठंडक सबको मिलनी चाहिए

रौनक खत्री ने सोमवार (14 अप्रैल) को ही एक वीडियो जारी कर कहा था कि, देखिए, ये है विकसित भारत की टेक्नोलॉजी। प्रिंसिपल क्लासरूम में गोबर लगा रही हैं ताकि ठंडक बनी रहे। अब हम उनके ऑफिस में भी यही करेंगे ताकि वे भी महसूस करें कि ये तकनीक कितनी कारगर है।

कुलपति ने जताई नाराजगी

DU वाइस चांसलर प्रो. योगेश सिंह ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- "अगर ये तरीका कारगर है तो प्रिंसिपल को पहले अपने घर या ऑफिस में इसका प्रयोग करना चाहिए था। कॉलेज में पंखों और कूलर की कमी है तो प्रिंसिपल ने इस दिशा में अब तक क्यों नहीं सोचा? कॉलेज के पास पर्याप्त फंड होते हैं, उनका सही उपयोग होना चाहिए।"

छात्राएं भी विरोध में उतरीं

कॉलेज की छात्राओं ने भी इस देसी प्रयोग का विरोध किया। उन्होंने कहा- "क्लास में पंखे नहीं चलते, पीने का पानी नहीं है, शौचालय खराब हालत में हैं, लेकिन प्रिंसिपल गोबर लगाने में व्यस्त हैं। क्या यही विकास है?"

प्रिंसिपल ने क्या कहा?

प्रो. प्रत्यूष वत्सला ने कहा- "मैंने खुद एक कमरे की दीवार पर गोबर लगाया। यह स्वदेशी तकनीक है और रिसर्च के अंतर्गत किया जा रहा है। अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जबकि मैंने खुद शिक्षकों के साथ वीडियो साझा किया था।" ये भी पढ़ें- देवास मंदिर विवाद : विधायक पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला ने साथियों संग किया सरेंडर, पुजारी से मांगी माफी; छुए पैर
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

Latest Posts