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स्क्रीन शेयर किया और पैसे उड़ गए!इस ऐप को तुरंत करें डिलीट नहीं तो खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

स्मार्टफोन यूजर्स सावधान! AnyDesk, TeamViewer जैसे स्क्रीन-शेयरिंग ऐप्स साइबर ठगों का नया हथियार बन चुके हैं। एक बार एक्सेस मिलने पर ठग आपके फोन, बैंक अकाउंट, ओटीपी और निजी डेटा तक पहुंच बना सकते हैं। जानिए कैसे होती है ठगी और इससे बचने के आसान उपाय।
इस ऐप को तुरंत करें डिलीट नहीं तो खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    आज भारत में स्मार्टफोन हर व्यक्ति की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑफिस का काम और लोगों से बातचीत-सब कुछ मोबाइल के जरिए हो रहा है। लेकिन मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़े हैं।

    स्क्रीन-शेयरिंग ऐप्स बन रहे बड़ा खतरा

    कुछ स्क्रीन-शेयरिंग और रिमोट एक्सेस ऐप्स आम यूजर्स के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। इन ऐप्स के ज़रिए साइबर अपराधी पूरे मोबाइल का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते हैं।

    कौन से ऐप्स से रहें सावधान?

    AnyDesk, TeamViewer और QuickSupport जैसे ऐप्स का इस्तेमाल आमतौर पर टेक्निकल सपोर्ट के लिए किया जाता है। लेकिन आजकल ठग इन्हीं ऐप्स का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए कर रहे हैं।

    ठग यूजर्स को कैसे फंसाते हैं?

    साइबर अपराधी अक्सर खुद को बैंक कर्मचारी, कस्टमर केयर एजेंट, सरकारी अधिकारी बताकर कॉल करते हैं। वे किसी समस्या का डर दिखाते हैं और यूजर से स्क्रीन-शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवा लेते हैं।

    ऐप एक्टिव होते ही बढ़ जाता है खतरा

    जैसे ही स्क्रीन-शेयरिंग ऐप चालू होता है, ठग आपके फोन की हर गतिविधि देख सकते हैं। वे आसानी से बैंक ट्रांजैक्शन, ओटीपी और पासवर्ड, निजी फोटो और मैसेज तक पहुंच बना लेते हैं। कई मामलों में कुछ ही मिनटों में बैंक अकाउंट खाली हो जाता है।

    खुद को कैसे रखें सुरक्षित?

    • बिना ज़रूरत स्क्रीन-शेयरिंग ऐप फोन में न रखें
    • किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऐप इंस्टॉल न करें
    • ऐप की परमिशन ध्यान से जांचें
    • ओटीपी, पिन या निजी जानकारी किसी से साझा न करें

    साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें?

    अगर आप साइबर ठगी का शिकार हो जाएं, तो तुरंत शिकायत दर्ज करें।

    वेबसाइट: cybercrime.gov.in

    हेल्पलाइन नंबर: 1930

    जल्दी शिकायत करने से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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