Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

सियासत तेज :क्या जा सकती है निर्मला सप्रे की विधायकी? हाईकोर्ट की सुनवाई में सिर्फ 16 दिन बचे

बीना विधायक निर्मला सप्रे की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। हाईकोर्ट में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की याचिका पर सरकार को 27 फरवरी तक जवाब देना है। इस बीच विधानसभा स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष की भी बातचीत इस विषय पर हो चुकी है, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।
Follow on Google News
क्या जा सकती है निर्मला सप्रे की विधायकी? हाईकोर्ट की सुनवाई में सिर्फ 16 दिन बचे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। बीना से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनीं निर्मला सप्रे का भाजपा के प्रति आकर्षण उनकी मुसीबत बना हुआ है। दरअसल बीते एक साल में निर्मला ने कांग्रेस से दूरी बनाकर भाजपा के कार्यक्रमों में उपस्थित दर्ज कराई है। हालांकि सीधे-सीधे सवाल पूछने पर न तो भाजपा नेता न ही निर्मला सप्रे कहते हैं कि वे अब बीजेपी में हैं, लेकिन विपक्षी दल कांग्रेस के नेता इस मुद्दे को कोर्ट में ले गए हैं, तो अब यह स्पष्ट करना जरूरी हो गया है कि निर्मला सप्रे किस दल के साथ हैं। 

    27 फरवरी को होगी हाईकोर्ट में सुनवाई

    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की निर्मला सप्रे के दल बदल को लेकर लगाई गई याचिका पर 27 फरवरी को सुनवाई होनी है। इस दौरान सरकार को बताना है कि निर्मला सप्रे के मामले में क्या स्टेटस है। दरअसल पिछली सुनवाई में एडवोकेट जनरल ने जवाब दिया था कि यह मामला स्पीकर यानी विधानसभा अध्यक्ष के पास है। अब जब सुनवाई होने में कुछ ही दिन बाकी हैं तो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से इस विषय पर चर्चा की। इसके अलावा स्पीकर ने इस मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी बात की।

    निर्मला स्पष्ट करें किस दल में हैं : उमंग

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का इस बारे में स्पष्ट कहना है कि इस मामले में निर्मला सप्रे और सरकार को साफ करना होगा कि वे किस दल में हैं। उन्होंने कहा कि सप्रे भाजपा के कार्यक्रमों, बैठकों में शामिल रहीं। इसके सबूत उन्होंने कोर्ट में प्रस्तुत किए हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ऐसे मामलों में 90 दिन में फैसला होना चाहिए। सिंघार कह चुके हैं कि अगर सप्रे भाजपा में जाती हैं तो कांग्रेस को कोई आपत्ति नहीं, वे इस्तीफा देकर चुनाव में उतरें। उप चुनाव में जनता बता देगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में बीना के मतदाताओं ने कांग्रेस के प्रत्याशी को जिताया था, अब बीच में पार्टी बदलना न केवल अपने दल बल्कि बीना के मतदाताओं से भी छल है। इस मामले में निर्मला सप्रे कोर्ट में मामला होने के कारण फिलहाल कुछ भी नहीं कह रही हैं।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    Latest Posts