अब बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेगी कफ सिरप :सरकार ने बदल दिए नियम, OTC दवाओं की लिस्ट से हटाया

नई दिल्ली। अगर आप खांसी, बुखार या अन्य बीमारियों के लिए मेडिकल स्टोर से सीधे सिरप खरीदते रहे हैं, तो अब ऐसा नहीं होगा। केंद्र सरकार ने दवाओं की बिक्री से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए कफ सिरप समेत सभी औषधीय सिरप की बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री पर रोक लगा दी है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने Drugs (Fifth Amendment) Rules, 2026 की अधिसूचना जारी कर Drugs Rules, 1945 की Schedule K से 'Syrups' शब्द हटा दिया है। इसके बाद सिरप अब ओवर-द-काउंटर (OTC) दवाओं की श्रेणी में नहीं रहेंगे। अब देशभर के मेडिकल स्टोर और फार्मेसी केवल पंजीकृत डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही सिरप आधारित दवाएं बेच सकेंगे।
नए नियम में क्या बदला है?
सरकार ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 12 और 33 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए दवा नियमों में संशोधन किया है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि, Schedule K में शामिल दवाओं की सूची से Syrups शब्द हटा दिया गया है। इसका सीधा असर यह होगा कि, अब सिरप को पहले मिलने वाली नियामकीय छूट खत्म हो जाएगी और इनकी बिक्री सख्त निगरानी में होगी। यह नियम अधिसूचना जारी होते ही पूरे देश में लागू हो गया है।
नए नियम लागू होने के बाद-
- बिना डॉक्टर की पर्ची के कफ सिरप नहीं मिलेगा।
- सभी औषधीय सिरप खरीदने के लिए प्रिस्क्रिप्शन जरूरी होगा।
- मेडिकल स्टोर बिना पर्चे के सिरप बेचने पर कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
- सिरप की बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी से ही होगी।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार के इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह मरीजों की सुरक्षा और दवाओं के दुरुपयोग को रोकना है। पिछले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। इन घटनाओं ने सिरप की गुणवत्ता, निगरानी और बिक्री व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। इसके बाद सिरप के निर्माण, वितरण और बिक्री पर सख्त नियंत्रण की मांग तेज हो गई थी। सरकार का मानना है कि, नए नियम से दवाओं के गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी और मरीजों को सुरक्षित दवाएं मिल सकेंगी।
जनता से सुझाव लेने के बाद लागू हुआ नियम
स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संशोधन का मसौदा 30 दिसंबर 2025 को जारी किया था। इस पर आम लोगों, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। सभी सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम अधिसूचना 9 जून 2026 को जारी की गई।
छोटे गांवों में भी लागू होंगे नए नियम
पहले कम आबादी वाले कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में Schedule K के तहत सिरप बिक्री को लेकर कुछ छूट उपलब्ध थी। अब नए नियम के बाद गांव और शहर दोनों जगह समान नियम लागू होंगे। इसका मतलब है कि-
- छोटे गांवों में भी बिना लाइसेंस सिरप की बिक्री नहीं होगी।
- केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर ही सिरप बेच सकेंगे।
- दवा विक्रेताओं को सभी लाइसेंसिंग नियमों का पालन करना होगा।
किस तरह की दवाओं पर पड़ेगा असर?
नए नियम का असर मुख्य रूप से सिरप आधारित दवाओं पर पड़ेगा, जैसे-
- कफ सिरप
- एलर्जी सिरप
- बच्चों के औषधीय सिरप
- एंटीबायोटिक सिरप
- बुखार और दर्द के सिरप
- अन्य चिकित्सकीय सिरप
इन सभी को खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची आवश्यक होगी।
नए नियम का आम लोगों पर क्या असर होगा?
मरीजों के लिए
- दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी होगी।
- गलत दवा लेने की संभावना कम होगी।
- बच्चों को बिना सलाह दवा देने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
मेडिकल स्टोर के लिए
- बिना प्रिस्क्रिप्शन सिरप बेचने पर कार्रवाई हो सकती है।
- सभी बिक्री का रिकॉर्ड रखना होगा।
- लाइसेंस संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
एक नजर में नया नियम
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विषय |
नई व्यवस्था |
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नया नियम |
Drugs (Fifth Amendment) Rules, 2026 |
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लागू करने वाला मंत्रालय |
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय |
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लागू होने की तारीख |
अधिसूचना जारी होते ही |
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सबसे बड़ा बदलाव |
Schedule K से 'Syrups' हटाया गया |
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अब क्या जरूरी होगा? |
डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन |
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OTC बिक्री |
पूरी तरह समाप्त |
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किस पर लागू |
सभी औषधीय सिरप |
सरकार का उद्देश्य क्या है?
सरकार के अनुसार इस फैसले का मकसद-
- दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाना
- मरीजों की सुरक्षा बढ़ाना
- सिरप की बिक्री पर निगरानी मजबूत करना
- नकली और घटिया दवाओं की रोकथाम
- पूरे देश में एक समान दवा बिक्री व्यवस्था लागू करना











