देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने गुरुवार को चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी किए हैं। जिसमें कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹13,718 करोड़ पहुंच गया जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹12,247 करोड़ था।
तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी बढ़ा है। यह 10% की बढ़त के साथ ₹70,698 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी की इस ग्रोथ में 12 अरब डॉलर (करीब ₹1 लाख करोड़) की तीन बड़ी डील्स का अहम योगदान रहा जिससे ऑर्डर बुक मजबूत हुई।
TCS ने अपने शेयरधारकों को ₹31 प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का एक हिस्सा निवेशकों के साथ साझा करती हैं, जिसे लाभांश कहा जाता है।
TCS के CEO और MD के. कृतिवासन ने कहा कि यह लगातार तीसरी तिमाही है जब कंपनी ने ग्रोथ दर्ज की है। उन्होंने बताया कि कंपनी की फाइव पिलर स्ट्रेटेजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस का फायदा मिल रहा है। खास बात यह है कि ग्रोथ किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रही बल्कि अलग-अलग इंडस्ट्री और ग्लोबल बाजारों में देखने को मिली है।
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नतीजों के दिन TCS का शेयर 1.20% चढ़कर ₹2,590 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में शेयर करीब 2.48% चढ़ा है। हालांकि एक साल में यह लगभग 20% गिर चुका है। कंपनी का कुल मार्केट कैप ₹11.71 लाख करोड़ के आसपास है।