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Peoples Update Special :9 साल के 3,451 करोड़ घाटे की भरपाई बिजली दरें बढ़ाकर करने की तैयारी में कंपनियां

बिजली कंपनियों ने नौ साल का घाटा पूरा करने के लिए दरों में 10.19% की वृद्धि की तैयारी की है। कंपिनयों ने इसके लिए मप्र विद्युत नियामक आयोग से अनुमति मांगी है। हालांकि प्रस्तावित टैरिफ को लेकर विरोध भी बढ़ा है।
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9 साल के 3,451 करोड़ घाटे की भरपाई बिजली दरें बढ़ाकर करने की तैयारी में कंपनियां
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    संतोष चौधरी, भोपाल। प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियां 6,044 करोड़ के घाटे की भरपाई  उपभोक्ताओं से करने की तैयारी में हैं। इसमें से 3,451 करोड़ रुपए का घाटा बीते नौ साल का है। कंपनियों ने इसके लिए मप्र विद्युत नियामक आयोग से बिजली दर में 10.19 प्रतिशत की वृद्धि की अनुमति मांगी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की टैरिफ पिटीशन के मुताबिक, कुल 6,044 करोड़ में से 3,451 करोड़ रुपए 2014 से 2023 तक की सत्यापन याचिका का है। यानी यह पुराना घाटा है। वहीं 2026-27 का अनुमानित घाटा 2, 593 करोड़ है। बिजली कंपनियों के अफसर कहते हैं कि पिटीशन आयोग में विचाराधीन है। इसलिए कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकते हैं। अब आयोग ने जनसुनवाई के लिए उपभोक्ताओं से दावे-आपत्तियां बुलाई हैं।

    स्मार्ट मीटर के लीज प्रभार की वसूली भी उपभोक्ताओं से

    कंपनियां उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर फ्री लगाने का दावा कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर स्मार्ट मीटर के लीज प्रभार के नाम पर 514  करोड़ भी  वसूलने की तैयारी में हैं। इधर, मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने अपने प्रस्ताव में स्वयं  बिजली खरीदने के लिए 300 करोड़ की अनुमति भी मांगी है।

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    कब-कब होगी जनसुनवाई

    पूर्व क्षेत्र, जबलपुर                24 फरवरी

    पश्चिम क्षेत्र, इंदौर               25 फरवरी

    मध्य क्षेत्र, भोपाल                26 फरवरी

     

    वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनुमानित खर्च और घाटा

     वितरण कंपनी      कुल खर्च               अनुमानित घाटा

    पूर्व क्षेत्र                  18,540                                 1,714

    मध्य क्षेत्र              20,726                                 1,916

    पश्चिम क्षेत्र          26,108                                 2,414

    कुल                       65,374                                 6,044

     (राशि करोड़ रुपए में)

    जनसुनवाई के लिए लगाएंगे आपत्तियां

    बिजली कंपनियां हर साल बिजली दरों में इजाफा करती हैं। कंपनियां बिजली चोरी नहीं रोक पा रही हैं, इसकी भरपाई भी उन ईमानदार उपभोक्ताओं से की जाती है, जो नियमित बिल का भुगतान करते हैं। कंपनियों को चाहिए कि अपनी तकनीक में सुधार करें।  पहले बताया गया था कि स्मार्ट मीटर की कोई राशि नहीं वसूली जाएगी। टैरिफ को लेकर नियामक आयोग में आपत्तियां लगाएंगे।

    हरवीर पाटकर, उपभोक्ता, बागमुगालिया,भोपाल

    बिजली कंपनियों की वसूली अनुचित

    बिजली कंपनियों की 2014 से 2023 तक की सत्यापन याचिका  की जो राशि गहन परीक्षण के बाद नियामक आयोग अस्वीकार कर चुका है,  अब उसकी वसूली औचित्यहीन और अनुचित है। इस अवधि में कंपनियों ने बिजली खरीदी में अनाप-शनाप खर्च किया है। कंपनियों का प्रबंधन फेल है। यदि वह कार्यक्षमता में सुधार करें तो घाटा होगा और हर साल दरें बढ़ाने की जरूरत  पड़ेगी।

    राजेंद्र अग्रवाल, बिजली मामलों के जानकार, जबलपुर

    दरें बढ़ाने का विपरीत असर पड़ेगा

    एमएसएमई और इंडस्ट्री के लिए यह ठीक नहीं है। बिजली दरें बढ़ाने का विपरीत असर पड़ेगा। कंपनियों को अपनी कार्यक्षमता में सुधार लाना चाहिए कि अपनी गलतियों की भरपाई उपभोक्ताओं से करें। जब नियामक आयोग पुरानी वसूली को पहले ही नकार चुका है, तो इसकी वसूली उचित नहीं है। हम आयोग में आपत्तियां लगाएंगे।  

    सीबी मालपानी, वाइस प्रेसिडेंट, फेडरेशन ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, मप्र

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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