इंदौर। शहर में पहली बार निजी स्कूल संचालक और प्रकाशकों की मनमानी को खत्म करने का काम जिला कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा किया जा रहा है, जिससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। हाल ही कलेक्टर की पहल पर अभिभावकों की शिकायत पर एक स्कूल और तीन स्टेशनरी के खिलाफ एफआईआर हुई है। वर्तमान में हुई जिला प्रशासन की कार्रवाई से स्कूल संचालकों पर में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने अभिभावकों के लिए हेल्पलाइन नम्बर 0731-2431117 जारी किया। जिस पर हर दिन 15 से 20 शिकायतें मिल रही हैं। जिसके आधार पर प्ररकण दर्ज किए जा रहें है।
1- श्री सांई एकेडमी, डोंगरगांव विद्याश्री स्टेशनरी, महू
2-गुरुकुल शांति (वर्ल्ड पीस स्कूल) गांधीनगर विद्यालय से बेची जा रही थी किताबें
3-डीपीएस स्कूल राऊ गुडलक स्टेशनरी,इंदौर
4-डेजी डेल्स स्कूल, विजयनगर इंदौर बुक डिपो
स्कूलों की मनमानी खत्म करने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा शिक्षण सत्र खत्म होने से पहले ही 12 फरवरी 2026 को जारी कर दिए थे। जिसमें स्पष्ट किया गया था कि स्कूल संचालक अभिभावकों को एक ही दुकान से यूनिफार्म और किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं करें, लेकिन स्कूल संचालकों ने कलेक्टर के आदेश को हल्के में लिया और अपने मनमानी जारी रखते हुए अभिभावकों को एक ही विक्रेता से किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया गया।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि अभिभावकों की शिकायत और नाम गोपनीय रखा जा रहा है, पिछले एक सप्ताह में प्रशासन ने चार पुस्तक विक्रेताओं पर एफआईआर दर्ज की गई है। जो आगामी समय में जारी रहेगी। प्रशासन की ओर से अभिभावकों को यह विश्वास दिलाया गया है कि उनकी पहचान पूर्ण रूप से गुप्त रखी जाएगी ताकि निजी स्कूल संचालक उन्हें परेशान नहीं कर सके।। मध्य प्रदेश शासन के निर्देश अनुसार लगातार कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
इंदौर में सालों से निजी स्कूलों की पुस्तकें शहर के कुछ बड़े पुस्तक विक्रेता ही बेच रहे है, जिसमें भईयाजी, इंदौर बुक डिपो, गौरव बुक डिपो, मदाना स्टेशनरी, बी थ्री बुक स्टोर जैस पुस्तक विक्रेता है, जहां निजी स्कूलों से साठगांठ कर पुस्तकें बेची जाती है। निजी स्कूल संचालक अपने पाठ्यक्रम में जो किताबें चलाते है, वो इंदौर में केवल उक्त बुक विक्रेताओं के पास ही मिलती है। उक्त विक्रेताओं का करोड़ रूपए के इस बाजार एका अधिकार है, स्कूल संचालक भी इनके साथ मिलकर मोटा कमीशन सालों खा रहे है।
निजी स्कूलों मनमानी खत्म करने लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने ताजा आदेश 12 अप्रैल 2026 को भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि निजी स्कूल संचालक अतिरिक्त किताबें जैसे नैतिक शिक्षा, कम्प्यूटर, सामान्य ज्ञान सहित अन्य किताबें खरीदने के लिए स्कूल संचालक दबाव नहीं बना सकेंगे, साथ पालकों के लिए इन पुस्तकों खरीदने की अनिवार्यता नहीं होगी। साथ ही निजी स्कूल संचालकों यूनिफार्म के लिए तीन दुकानों के नाम बताने होंगे।
शिक्षा सुलभ बनाना हमार उद्देश्य निजी स्कूल संचालक मनमानी नहीं कर पाएंगे, आगामी समय में कार्रवाई जारी रहेंगे। अभिभावकों से निवेदन है कि वे कंट्रोल के हेल्प लाइन नम्बर पर शिकायत करें, प्रशासन सख्ती के साथ कार्रवाई करेंगा।
शिवम वर्मा, कलेक्टर इंदौर
इंदौर में पहली बार किसी कलेक्टर ने शिक्षा माफिया में शामिल पुस्तक विक्रेताओं एफआईआर दर्ज की है, यह सराहनीय कदम है, हमें उम्मीद है कि प्रशासन आगामी दिनों में बड़े माफिया पर कठोर कार्रवाई करेगा। हर साल बढ़ाई जाने वाली फिस लेकर भी प्रशासन को सख्ती करनी चाहिए।
निधि रत्नाकर, अभिभावक