CG NEWS: IIM रायपुर में सत्ता का मंथन: CM साय संग मंत्रिमंडल बनाएगा छत्तीसगढ़ के नए विकास का ब्लूप्रिंट

RAIPUR NEWS। छत्तीसगढ़ सरकार ने भविष्य की प्रशासनिक और विकासात्मक रणनीति तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में IIM रायपुर में दो दिवसीय 'चिंतन शिविर 3.0' की शुरुआत हुई, जहां पूरी कैबिनेट सुशासन, तकनीक, निवेश, कृषि और जनसेवा से जुड़े विषयों पर मंथन कर रही है। देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भी सरकार को नई कार्यसंस्कृति और प्रभावी प्रशासन के लिए सुझाव देंगे।
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IIM रायपुर बना सरकार का रणनीतिक केंद्र
रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दो दिवसीय 'चिंतन शिविर 3.0' का शुभारंभ हुआ। इस विशेष शिविर में मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री शामिल हुए और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श शुरू हुआ।
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भविष्य की सरकार, नई कार्यसंस्कृति
सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को समय के अनुरूप आधुनिक, पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाना है। शिविर में आने वाले वर्षों की प्राथमिकताओं के साथ विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी रणनीति तैयार की जाएगी।
AI से लेकर निवेश तक बनेगा रोडमैप
दो दिवसीय चिंतन शिविर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि, ग्रामीण विकास, उद्योग, निवेश, पर्यटन, खेल, नवाचार, नेतृत्व विकास, संस्थागत सुधार और गुड गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। सरकार इन चर्चाओं के आधार पर नई कार्ययोजना तैयार करेगी।
CM साय बोले- सुशासन का मतलब बेहतर परिणाम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासन को लगातार बेहतर बनाना भी है। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
देश के दिग्गज विशेषज्ञ देंगे नई सोच
पहले दिन आध्यात्मिक गुरु गौर गोपाल दास नेतृत्व और जीवन मूल्यों पर व्याख्यान देंगे। इसके बाद अभय करंदीकर नई तकनीक और भविष्य की शासन व्यवस्था पर अपने विचार साझा करेंगे, जबकि डॉ. रमेश चंद कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर चर्चा करेंगे। दूसरे दिन पर्यटन विशेषज्ञ सुमन बिल्ला, सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ शशांक मणि त्रिपाठी, ओलंपियन गगन नारंग और डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सुशासन, नेतृत्व और जनकेंद्रित प्रशासन पर अपने अनुभव साझा करेंगे।
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सिर्फ चर्चा नहीं, फैसलों की तैयारी
सरकार का कहना है कि चिंतन शिविर का उद्देश्य केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं है। इसका लक्ष्य प्रशासनिक नवाचार, निर्णय प्रक्रिया में सुधार, विभागों के बीच तालमेल मजबूत करना और तकनीक के जरिए सरकारी सेवाओं को आम जनता तक तेज और प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।












