CG news मुख्यमंत्री सचिवालय में बड़ा फेरबदल: अधिकारियों के बीच नए सिरे से बंटीं जिम्मेदारियां

रायपुर। मुख्यमंत्री सचिवालय में अधिकारियों की जिम्मेदारियों का नए सिरे से पुनर्विभाजन किया गया है। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जारी आदेश के तहत सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों को विभागवार और संभागवार नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल का उद्देश्य शासन की योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह के पास रहेंगे महत्वपूर्ण विभाग
प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, नीति आयोग, मंत्रिपरिषद, अखिल भारतीय सेवा (AIS) अधिकारियों से जुड़े मामलों, जनघोषणा पत्र, विशेष परियोजनाओं तथा सीएम डैशबोर्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा वे सामान्य प्रशासन, वित्त, विधि एवं विधायी कार्य, खनिज साधन, वाणिज्य एवं उद्योग, गृह, जेल, परिवहन, पर्यटन, संस्कृति, खेल एवं युवा कल्याण, आदिम जाति विकास, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभागों की समीक्षा भी करेंगे।
मुख्यमंत्री घोषणाओं की मॉनिटरिंग करेंगे मुकेश बंसल
सचिव मुकेश कुमार बंसल को मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा तथा मुख्यमंत्री सचिवालय के द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दी गई है। वे जनसंपर्क, कृषि, पशुधन विकास, मछली पालन, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, ऊर्जा, जल संसाधन, आबकारी तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभागों की समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री सहायता कोष की जिम्मेदारी पी. दयानंद को
सचिव पी. दयानंद मुख्यमंत्री सहायता कोष, मुख्यमंत्री विवेकाधीन निधि और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से जुड़े मामलों का संचालन करेंगे। साथ ही लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, जीएसटी, पंजीयन और संसदीय कार्य विभागों की समीक्षा की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी।
राहुल भगत संभालेंगे मुख्यमंत्री निवास से जुड़े कार्य
सचिव राहुल भगत को मुख्यमंत्री निवास के समन्वय, बिल भुगतान, गैर-सरकारी सदस्यों के नामांकन तथा कुनकुरी और जशपुर जिले के विकास कार्यों की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रजत बंसल को मिला सुशासन तिहार और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों का दायित्व
विशेष सचिव रजत बंसल सुशासन तिहार, सूचना का अधिकार (RTI) तथा सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों का प्रभार संभालेंगे। वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आवास एवं पर्यावरण, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, ग्रामोद्योग तथा विमानन विभागों की समीक्षा भी करेंगे।
जनदर्शन और जनशिकायत की जिम्मेदारी प्रभात मलिक को
संयुक्त सचिव प्रभात मलिक को जनदर्शन, जनशिकायत और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के समय प्रबंधन का दायित्व दिया गया है। वे राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, नगरीय प्रशासन, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, रोजगार तथा जन शिकायत निवारण विभागों की निगरानी करेंगे।
संभागवार अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय
मुख्यमंत्री सचिवालय ने राज्य के पांचों संभागों की निगरानी के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित की है। संबंधित अधिकारी अपने-अपने संभागों में शासन की योजनाओं की समीक्षा, महत्वपूर्ण घटनाओं की मॉनिटरिंग तथा लंबित मामलों के निराकरण पर नजर रखेंगे।
कार्यों की निरंतरता के लिए लिंक अधिकारी नियुक्त
सचिवालय के कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों के लिए लिंक अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लिंक अधिकारी संबंधित अधिकारी के कार्यों का निर्वहन करेंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय में किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी तथा जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












