CM KISAN HELPLINE:कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की शुरुआत, आधुनिक खेती पर होगा फोकस

भोपाल। आज किसानों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई नई योजनाओं और सेवाओं की शुरुआत होगी। रविन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागृह में होने वाले इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती, डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ना है, ताकि उन्हें अधिक सुविधा और लाभ मिल सके। साथ ही विशेषज्ञ अलग अलग सत्रों में कृषि से जुड़े नए तरीकों और तकनीकों पर चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री करेंगे कई नई योजनाओं की शुरुआत
भोपाल के रविन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागृह में आज कृषि क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन किसानों को नई तकनीक, योजनाओं और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिससे खेती को अधिक आधुनिक और लाभकारी बनाया जा सके।
किसानों के लिए कई नई सेवाओं की शुरुआत
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत करेंगे। इनमें मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैश बोर्ड, सीएम किसान हेल्पलाइन और पैक्स सदस्यता वृद्धि अभियान शामिल हैं। इन सेवाओं का उद्देश्य किसानों को सीधे सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। नई हेल्पलाइन से किसानों को कृषि संबंधी जानकारी और सहायता आसानी से मिल सकेगी।
कृषि कर्मयोगी प्रशिक्षण और विशेषज्ञों की कार्यशाला
इस आयोजन में कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला भी की जा रही है, जिसमें कृषि विशेषज्ञ अलग अलग विषयों पर जानकारी देंगे। कार्यक्रम में कृषि विभाग के कई अधिकारी और विशेषज्ञ अपनी बात रखेंगे और किसानों को नई तकनीक और योजनाओं की जानकारी देंगे।
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डिजिटल और आधुनिक खेती पर विशेष फोकस
कार्यशाला में डिजिटल कृषि और आधुनिक तकनीकों पर विशेष चर्चा होगी। ई-विकास प्रणाली, उर्वरक वितरण व्यवस्था और ऑनलाइन सेवाओं को कैसे बेहतर बनाया जाए, इस पर विशेषज्ञ अपनी राय देंगे। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को इसके लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
फसल योजना और कृषि प्रबंधन पर चर्चा
इस कार्यक्रम में खरीफ और रबी फसलों की योजना, जिला कृषि प्लान और नरवाई प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य खेती को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाना और उत्पादन बढ़ाना है। अधिकारियों द्वारा किसानों को सही समय पर सही फसल चयन की जानकारी भी दी जाएगी।
उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन पर विशेष सत्र
कार्यक्रम में उद्यानिकी फसलों, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों पर भी अलग अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ इन क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे। इससे किसानों को अपनी आय के नए स्रोत खोजने में मदद मिलेगी।
सहकारिता और डिजिटल सिस्टम का विस्तार
सहकारिता विभाग की भूमिका और उसके डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी। eHRMS जैसे सिस्टम के माध्यम से किसानों और विभागों के बीच काम को आसान और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जाएगा। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सकेगा।
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