Somwati Amavasya 2026 :सोमवती अमावस्या की रात जरूर करें ये 5 उपाय, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद; दूर होंगी परेशानियां

हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। सोमवार भगवान शिव और चंद्र देव को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन आने वाली अमावस्या को बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए पूजा-पाठ, दान और विशेष उपायों से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की कई समस्याएं दूर हो सकती हैं।
पीपल के वृक्ष की करें पूजा
सोमवती अमावस्या की रात पीपल के वृक्ष की पूजा करना शुभ माना जाता है। रात के समय पीपल के पेड़ के नीचे देसी घी या सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद अपने पितरों का स्मरण करते हुए पीपल के वृक्ष की 5 या 7 बार परिक्रमा करें। मान्यता है कि इससे पितृ दोष का प्रभाव कम होता है और पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
भगवान शिव और माता पार्वती की करें आराधना
सोमवार होने के कारण इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। रात में शिवलिंग पर दूध, दही और शहद अर्पित करें। साथ ही माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री चढ़ाएं और शिव चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
घर में करें दीपदान
सोमवती अमावस्या की रात घर के मुख्य द्वार और उत्तर-पूर्व दिशा में दीपक जलाना शुभ माना जाता है। मुख्य द्वार के दोनों ओर सरसों के तेल का दीपक रखें। इसके अलावा घर के मंदिर में घी का दीपक जलाएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
जरूरतमंदों को करें दान
अमावस्या के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को फल, अनाज, वस्त्र या भोजन का दान करना शुभ माना जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार तिल, गुड़ या कंबल का दान भी किया जा सकता है। मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
तुलसी माता की करें परिक्रमा
सोमवती अमावस्या की रात तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं। इसके बाद तुलसी माता को प्रणाम कर उनकी परिक्रमा करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।











