CM मोहन यादव का ऐलान:2027 में उज्जैन में होगी 27वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक, गृह मंत्री अमित शाह ने दी सहमति

भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक और विकास से जुड़े बड़े फैसलों को लेकर सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है। हाल ही में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की और प्रदेश की उपलब्धियों को साझा किया। इसमें सबसे प्रमुख घोषणा यह रही कि वर्ष 2027 में मध्य क्षेत्रीय परिषद की अगली बैठक उज्जैन में आयोजित की जाएगी। इस निर्णय को प्रदेश के लिए सम्मान और अवसर दोनों माना जा रहा है। इसके साथ ही सरकार ने कानून व्यवस्था, निवेश और किसानों से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी।
2027 में होगी राष्ट्रीय बैठक
मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर को वर्ष 2027 में एक बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी मिली है। यहां मध्य क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक आयोजित की जाएगी। यह फैसला बस्तर में हुई 26वीं बैठक के दौरान लिया गया, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। उज्जैन जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक शहर में इस तरह की राष्ट्रीय बैठक का आयोजन प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर भी खास फोकस
उज्जैन में होने वाली बैठक के बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का निरीक्षण करेंगे। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से समीक्षा की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाला सिंहस्थ पूरी तरह व्यवस्थित और सुरक्षित हो। इसके लिए अभी से बड़े स्तर पर योजनाएं तैयार की जा रही हैं ताकि किसी भी प्रकार की समस्या न आए।
बस्तर बैठक से नक्सलवाद पर सख्त संदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बस्तर में बैठक का आयोजन अपने आप में एक ऐतिहासिक संदेश है। जिस क्षेत्र को पहले नक्सलवाद का केंद्र माना जाता था, वहां अब शांति और विकास का माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि देश में नक्सलवाद अब कमजोर पड़ चुका है और समाप्ति की ओर है। मध्य प्रदेश भी अब नक्सल मुक्त राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
पुलिस अधिकारियों को मिला सम्मान
नक्सल उन्मूलन अभियान में बेहतर काम करने वाले पुलिस अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। इसमें कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल अधिकारियों का नहीं बल्कि पूरे पुलिस बल की मेहनत और बहादुरी का परिणाम है। सरकार कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और आगे भी इसे मजबूत किया जाएगा।
भोजशाला मामले पर हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत
धार स्थित भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट के फैसले का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला वर्षों पुराने विवाद को शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ाता है। सरकार सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अदालत के आदेश का पालन कराएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और सौहार्द बनाए रखना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
किसानों और निवेश को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में लिए गए फैसलों की सराहना की। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को उन्होंने किसानों के लिए बड़ा लाभ बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। दूसरी ओर फ्रांस के साथ हुए इंडो-फ्रांस कॉन्क्लेव को लेकर भी उन्होंने कहा कि यह मध्य प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसर खोलेगा।
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निगम मंडलों के लिए नई पहल
प्रदेश में पहली बार निगम, मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्त नए पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे एक नया और उपयोगी कदम बताया। इससे अधिकारियों को अपने कार्य, नियमों और वित्तीय प्रबंधन को समझने में मदद मिलेगी।











