छिंदवाड़ा RTO पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप,सीएम हेल्पलाइन शिकायत के बाद भी नहीं बदले हालात

छिंदवाड़ा का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) एक बार फिर अपने कामकाज को लेकर विवादों में है। लंबे समय से भ्रष्टाचार और दलाली के आरोप झेल रहे इस कार्यालय पर अब अवैध वसूली के नए आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वाहन संबंधी सामान्य कामों के लिए भी लोगों को कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं और बिना दलालों की मदद के काम कराना मुश्किल हो जाता है। आरोप है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत होने और मामला सार्वजनिक होने के बाद भी कार्यालय की कार्यप्रणाली में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला है।
प्रभार मिलने के बाद बढ़ी दलालों की सक्रियता के आरोप
जानकारों का कहना है कि जब से अनुराग शुक्ला ने छिंदवाड़ा आरटीओ का प्रभार संभाला है, तब से कार्यालय में दलालों की सक्रियता पहले की तुलना में ज्यादा बढ़ गई है। आरोप है कि कार्यालय परिसर में कई एजेंट खुलेआम लोगों से संपर्क करते हैं और काम जल्दी कराने के नाम पर पैसों की मांग करते हैं। कई शिकायतें सामने आने के बावजूद अब तक इस व्यवस्था पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की बात कही जा रही है।
वाहन ट्रांसफर के लिए बैंक स्टेटमेंट मांगने का आरोप
वार्ड क्रमांक 48 निवासी भूपेश पटेल ने 25 मई 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम दर्ज दोपहिया वाहन बेच दिया था और वाहन ट्रांसफर के लिए सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए थे। इसके बावजूद उनका काम नहीं किया गया और उन्हें बार-बार कार्यालय बुलाया गया। भूपेश पटेल का आरोप है कि आरटीओ अनुराग शुक्ला ने वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया के दौरान उनसे नियम विरुद्ध तरीके से बैंक खाते का स्टेटमेंट मांगा। उनका यह भी आरोप है कि कार्यालय में सक्रिय दलालों ने काम कराने के बदले उनसे पैसों की मांग की।
वीडियो जारी कर की शिकायत
अपनी परेशानी बढ़ने पर भूपेश पटेल ने एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री और जिला प्रशासन को पूरे मामले से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद उनके वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी हुई, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों को आज भी इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।












