रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के 14 गांव इस बार स्वतंत्रता दिवस पर इतिहास रचने जा रहे हैं। आजादी के 77 साल बाद, यहां पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों के नए शिविरों की स्थापना के बाद इन इलाकों में हालात बदले हैं और राष्ट्रीय पर्व मनाना संभव हो पाया है।
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने जानकारी दी कि इन सभी गांवों में इस बार 15 अगस्त को तिरंगा फहराया जाएगा। यहां अब तक नक्सली प्रभाव के कारण न तो स्वतंत्रता दिवस और न ही गणतंत्र दिवस का आयोजन संभव हो पाता था।
अधिकारियों के मुताबिक, इन तीन जिलों के उन 15 गांवों में भी अब स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा, जहां इस साल गणतंत्र दिवस पर पहली बार तिरंगा लहराया गया था। सुरक्षाबलों के नए कैंप लगने से नक्सलियों का दबदबा घटा है और अब काले झंडे फहराने की घटनाएं लगभग खत्म हो गई हैं।
आईजी सुंदरराज पी. ने कहा- "इस बार 15 अगस्त बस्तर के लिए ऐतिहासिक है। जहां कभी भय और दहशत का माहौल था, वहां आज उत्साह और देशभक्ति की लहर है। बच्चे देशभक्ति के गीतों की तैयारी कर रहे हैं, बुजुर्ग भी सक्रिय हैं और पूरा समुदाय एकजुट हो रहा है।"
उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों के लगातार प्रयास और नए कैंपों की वजह से इन इलाकों में सुरक्षा, आशा और अपनेपन की भावना पैदा हुई है। अब गांव वाले खुद राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बस्तर संभाग में जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को लगातार गश्त पर लगाया गया है। राजधानी रायपुर और सभी जिलों में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराएंगे, जबकि मंत्री और विधायक अलग-अलग जिलों में समारोह में शामिल होंगे।