छत्तीसगढ़ सरकार ने हाफ बिजली बिल योजना में बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को आधा बिल भरना पड़ता था, अब यह सीमा घटाकर 100 यूनिट कर दी गई है। नया नियम 1 अगस्त 2025 से लागू हो गया है। ऊर्जा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं और सभी एजेंसियों को इसका पालन करने को कहा गया है।
कांग्रेस ने इस फैसले की तीखी आलोचना की है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को मिलने वाली बिजली में राहत छीन ली है।
उन्होंने बताया कि भूपेश बघेल की सरकार के समय 50 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल का लाभ मिल रहा था, लेकिन अब सिर्फ 100 यूनिट तक की खपत वाले उपभोक्ताओं को ही छूट मिलेगी। यानी जिनकी खपत 100 यूनिट से ज़्यादा है, उन्हें अब पूरा बिजली बिल भरना होगा।
कांग्रेस शासन में 1 मार्च 2019 से हाफ बिजली बिल योजना लागू की गई थी। उस समय उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक बिजली खपत पर अधिकतम 1043.90 रुपये तक की छूट मिलती थी। यह योजना भाजपा सरकार आने के बाद भी जारी रही, लेकिन अब इसमें कटौती कर दी गई है।
सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर उन उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगा, जिनकी मासिक खपत 100 यूनिट से ज्यादा होती है।