इंदौर - करीब पांच साल पुराने रिश्वतखोरी के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी पटवारी को तीन साल की सजा सुनाई हैं। लोकायुक्त डीसीपी सुनील तालान के अनुसार साल 2020 में छैगांव माखन (खंडवा) के हल्का नंबर 32/40 के पटवारी राजेश धात्रक के खिलाफ केंद्रीय विद्यालय महू के सेवानिवृत्त शिक्षक मांगीलाल प्यासे ने शिकायत की थी। आरोपी पटवारी मांगीलाल की पैतृक कृषि भूमि के बंटवारे और नामांतरण और पावती बनाने के एवज में 4 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा था। 21 जनवरी 2020 को कार्रवाई करते हुए पटवारी को रंगे हाथों पकड़ा गया था। विशेष न्यायालय खंडवा में दिनांक 3 नवंबर 2022 को आरोपी पटवारी के खिलाफ चालान पेश किया गया था। इसी मामले में विशेष न्यायालय खंडवा ने कल उसे धारा 7क के अंतर्गत सश्रम कारावास की सजा सुनाई है
यह थी घटना --
जनवरी 2020 में खंडवा की बाहेती कॉलोनी में केंद्रीय विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक मांगीलाल प्यासे की सुरगांव जोशी में छह एकड़ जमीन थी जिसमें छह भाईयों का हिस्सा था। जमीन नामांतरण कराने के लिए प्यासे ने छैगांवमाखन तहसील में आवेदन दिया था। यहां पदस्थ पटवारी राजेश धात्रक ने जमीन नामातंरण करने के बदले प्रत्येक भाई से 10-10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। जिसमें मांगीलाल प्यासे अपने हिस्से की जमीन नामांतरण के लिए 8 हजार रुपए देने को राजी हुए थे। मांगीलाल ने पटवारी राजेश धात्रक को दो हजार रुपए पहले दिए थे। जिसके बाद आवेदक ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की थी। घटना दिनांक को पटवारी राजेश धात्रक ने उन्हें बुलाया और 4 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया था।