नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जवारे? जानें महत्व और खास मान्यताएं

नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जवारे? जानें महत्व और खास मान्यताएं
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नवरात्रि की शुरुआत होते ही घर-घर में कलश और घट स्थापना की जाती है। इसके साथ एक घट में जौ या गेहूं बोए जाते हैं, जिन्हें जवारे कहा जाता है। मान्यता है कि माता दुर्गा को जवारे बेहद प्रिय हैं।

    अन्न को माना गया है ब्रह्म

    हिंदू शास्त्रों में अन्न को ब्रह्म का रूप माना गया है। इसलिए नवरात्रि में जौ और गेहूं की पूजा का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि जैसे-जैसे जवारे तेजी से बढ़ते हैं, वैसे-वैसे माता रानी की कृपा भी बढ़ती है।

    जवारे से मांगी जाती है कृपा

    श्रद्धालु जवारे बोकर माता से सुख-समृद्धि और आशीर्वाद की कामना करते हैं। माना जाता है कि इनसे मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों का जीवन खुशहाल बनता है।

    जौ के रंग से मिलते हैं संकेत

    • जवारों से भविष्य के शुभ-अशुभ संकेत भी जुड़े होते हैं।
    • यदि जौ हरे-भरे उगें तो आने वाला साल बहुत अच्छा माना जाता है।
    • यदि जौ आधे हरे और आधे पीले हों तो संकेत है कि साल का कुछ समय शुभ और कुछ समय कठिनाइयों भरा होगा।

    स्थापना से जुड़ी सावधानी

    ध्यान रखने वाली बात यह है कि एक बार कलश और जवारों की स्थापना हो जाने पर उन्हें हिलाना या स्थान बदलना उचित नहीं माना जाता। इसलिए स्थापना का स्थान सोच-समझकर तय करना चाहिए।

     

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

    Latest Posts