केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 2% बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 18 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बढ़ोतरी से करीब 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा।
सरकार के इस फैसले के बाद महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हो गया है। इससे पहले अक्टूबर में DA को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था। आमतौर पर सरकार साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में DA और DR में बदलाव करती है।
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DA बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन पर पड़ेगा। चूंकि DA बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में दिया जाता है इसलिए इसमें बढ़ोतरी होने से कुल आय में भी इजाफा होता है। महंगाई भत्ता दरअसल ‘कॉस्ट ऑफ लिविंग’ एडजस्टमेंट है जिसका मकसद बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों की वास्तविक आय को बनाए रखना होता है।
इस बीच कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग को लेकर भी अपनी मांग तेज कर दी है। NCJCM ने 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। अगर यह मांग मान ली जाती है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपए से बढ़कर करीब 69,000 रुपए तक पहुंच सकती है।
हालांकि 8वें वेतन आयोग के लागू होने की कोई आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। लेकिन माना जा रहा है कि इसे पूरी तरह लागू होने में 2028 तक का समय लग सकता है। सरकार पहले ही 28 अक्टूबर 2025 को आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दे चुकी है। इसके गठन के बाद आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए करीब 18 महीने का समय मिलेगा।
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जब नया वेतन आयोग लागू होगा तब मौजूदा DA को बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाएगा। यानी फिलहाल जो 60% DA मिल रहा है वह जीरो हो जाएगा और नई बेसिक सैलरी तय होगी। हर वेतन आयोग में इस प्रक्रिया को अपनाया जाता है क्योंकि नई सैलरी पहले से ही महंगाई को ध्यान में रखकर तय की जाती है। इसके बाद DA फिर से धीरे-धीरे बढ़ना शुरू होता है