नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बना दिया है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किए जाने के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस, पेट्रोल डीजल की कोई कमी नहीं है।
इस स्थिति के बीच केंद्र सरकार ने देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। दिल्ली में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत में पेट्रोल और डीजल की किसी भी तरह की कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, 'घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इसी प्रकार अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है। आज तक एलपीजी का घरेलू उत्पादन 30 प्रतिशत बढ़ गया है। 5 मार्च की तुलना में हमारी रिफाइनरियां वर्तमान में 30% अधिक एलपीजी का उत्पादन कर रही हैं।'
कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट रुख अपनाया है। सुजाता शर्मा ने कहा, 'कॉमर्शियल सिलेंडर का जिक्र कर कहा कि इन्हें प्राथमिकता के आधार पर वितरण की सुविधा के लिए राज्य सरकारों के पास उपलब्ध करा दिया गया है। हम राज्य सरकारों से अनुरोध करते हैं कि वे प्राथमिकता मानदंड निर्धारित करें और यह सुनिश्चित करें कि ये वाणिज्यिक सिलेंडर लक्षित उपभोक्ताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचें।'
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केंद्र सरकार के अनुसार भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता लगभग 258 मिलियन मीट्रिक टन है। इसी वजह से देश पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में काफी हद तक आत्मनिर्भर है और इन ईंधनों के लिए आयात पर निर्भरता कम है। सरकार ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां इस समय लगभग 100 प्रतिशत या उससे अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में पाइप से मिलने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली गैस (CNG) की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की सप्लाई में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा रही है। हालांकि कुछ बड़े शहरों में ऐसे व्यावसायिक उपभोक्ता, जो पूरी तरह LPG पर निर्भर हैं, उन्हें अस्थायी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने उन्हें सलाह दी है कि वे अपने नजदीकी गैस वितरण नेटवर्क या अधिकृत डीलर से संपर्क कर पाइप गैस ले सकते हैं।
इस बीच शिपिंग मंत्रालय भी खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार होर्मुज के पश्चिम में स्थित फारस की खाड़ी में इस समय 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर कुल 677 भारतीय नाविक सवार हैं। वहीं ओमान की खाड़ी में अब तीन भारतीय जहाज रह गए हैं, जिन पर 76 भारतीय नाविक मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में करीब 23 हजार भारतीय नाविक विभिन्न जहाजों और समुद्री परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।
सिन्हा ने बताया कि हालिया संकट के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है, जबकि एक नाविक अभी भी लापता है। इस घटना में चार अन्य भारतीय नाविक घायल हुए थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है और उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि देश में गैस आपूर्ति को बनाए रखने के लिए LPG ले जाने वाले जहाजों को प्रमुख बंदरगाहों पर प्राथमिकता के साथ लंगर डालने की अनुमति दी जा रही है, ताकि जरूरी ईंधन की सप्लाई प्रभावित न हो।