INDIGO की मोनोपोली की जांच करेगी CCI !एयरलाइन पर लगे प्रतिस्पर्धा के नियम तोड़ने के आरोप

कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) इस समय अंदरूनी स्तर पर इंडिगो एयरलाइन की बाजार में मजबूत पकड़ को लेकर गहन समीक्षा कर रहा है।
Follow on Google News
एयरलाइन पर लगे प्रतिस्पर्धा के नियम तोड़ने के आरोप
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। पिछले लंबे समय से कई संकट से गुजर रही इंडिगो एयरलाइन का एकतरफा दबदबा अब सवालों के घेरे में आ गया है। भारतीय विमानन बाजार में उसकी मजबूत पकड़ को लेकर प्रतिस्पर्धा नियामक संस्था कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने जांच शुरू कर दी है। इस जांच के जरिए यह पता लगाना है कि क्या INDIGO ने अपने बाजार वर्चस्व को बनाए रखने के लिए प्रतिस्पर्धा कानूनों का उल्लंघन किया है।

    सूत्रों के मुताबिक, CCI इस बात की पड़ताल कर रही है कि  INDIGO ने टिकट प्राइसिंग, स्लॉट अलॉटमेंट, रूट स्ट्रैटेजी या अन्य व्यावसायिक नीतियों के जरिए छोटे और प्रतिस्पर्धी एयरलाइंस के लिए बाजार में टिके रहना मुश्किल तो नहीं बना दिया। इंडिगो फिलहाल घरेलू विमानन बाजार के एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखती है और उसकी बाजार हिस्सेदारी लगातार बढ़ती रही है।

    क्या इंडिगो अपनी शक्ति का गलत उपयोग कर रहा ?

    कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) इस समय अंदरूनी स्तर पर इंडिगो एयरलाइन की बाजार में मजबूत पकड़ को लेकर गहन समीक्षा कर रहा है। आयोग यह समझने की कोशिश कर रहा है कि क्या इंडिगो ने अपनी प्रभावशाली स्थिति का इस्तेमाल कुछ चुनिंदा रूट्स पर दबदबा कायम करने और प्रतिस्पर्धियों को पीछे धकेलने के लिए किया है।

    सूत्रों के अनुसार, CCI की शुरुआती पड़ताल में रूट-वाइज ऑपरेशन, स्लॉट मैनेजमेंट और किराया तय करने की रणनीतियों जैसे अहम पहलुओं को खंगाला जा रहा है। खासतौर पर यह देखा जा रहा है कि जिन रूट्स पर इंडिगो की हिस्सेदारी ज्यादा है, वहां टिकट की कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी तो नहीं की गई।

    मामले की जांच अंतर्राष्ट्रीय एक्सपर्ट्स के हवाले

    इंडिगो एयरलाइंस ने हालिया ऑपरेशनल संकट की जांच पर बड़ा कदम उठाते हुए मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर के एविएशन एक्सपर्ट के हवाले कर दिया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से एविएशन नियमों में किए गए बदलावों के बाद दिसंबर के पहले सप्ताह में इंडिगो को क्रू मेंबर्स की गंभीर कमी का सामना करना पड़ा था। इसका सीधा असर फ्लाइट ऑपरेशंस पर पड़ा और 1 से 10 दिसंबर के बीच एयरलाइन को 5000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी।

    सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर इंडिगो ने अपनी आंतरिक जांच को पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाने का फैसला किया है। इसी के तहत कंपनी ने विश्व स्तर पर ख्यातिप्राप्त एविएशन विशेषज्ञ कैप्टन जॉन इल्सन को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि इंटरनेशनल एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे सुधारात्मक कदम तय किए जाएंगे।

    DGCA की कार्रवाई: चार फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर निलंबित

    मामले की गंभीरता को देखते हुए DGCA ने इंडिगो के चार फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टरों को बर्खास्त कर दिया है। इनमें ऋषि राज चटर्जी, सीमा झामनानी, अनिल कुमार पोखरियाल और प्रियम कौशिक शामिल हैं। ये सभी अधिकारी एयरलाइन में सेफ्टी स्टैंडर्ड और ऑपरेशनल कंप्लायंस की निगरानी की के पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

    DGCA का मानना है कि निगरानी व्यवस्था में लापरवाही और समय पर जोखिम को भांपने में विफलता के चलते हालात बिगड़े। ऐसे में यह कार्रवाई न सिर्फ इंडिगो, बल्कि पूरे एविएशन सेक्टर के लिए एक कड़ा संदेश मानी जा रही है।

    जिसके बाद अब, इंडिगो की नजर अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट की जांच रिपोर्ट पर टिकी है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के बाद एयरलाइन अपने ऑपरेशनल सिस्टम, क्रू प्लानिंग और सेफ्टी मैकेनिज्म में बड़े बदलाव कर सकती है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts