जाति प्रमाण पत्र मामले में नवनीत राणा को बड़ी राहत, SC ने कहा- हाईकोर्ट को दखल नहीं देना चाहिए था

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले निर्दलीय सांसद नवनीत कौर राणा को जाति प्रमाण पत्र मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस संजय करोल की बेंच ने नवनीत के जाति प्रमाण पत्र मामले में सुनवाई की। राणा का जाति प्रमाण पत्र रद्द नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमंर उनके जाति प्रमाण पत्र को अमान्य कर दिया गया था।
जांच कमेटी ने दी थी क्लीन चिट
मामले में शिवसेना नेता आनंदराव अडसुल ने मुंबई जिला जाति प्रमाण पत्र जांच समिति के पास शिकायत दर्ज की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि नवनीत राणा के जाति प्रमाणपत्र में कोई खामी नहीं है। स्क्रूटनी कमेटी यानी जांच समिति का फैसला सही था, इसमें हाईकोर्ट को दखल नहीं देना चाहिए था। स्क्रूटनी कमेटी ने नवनीत राणा के जाति प्रमाणपत्र को सही माना था और क्लीन चिट दे दी थी। https://twitter.com/ANI/status/1775773310636503074?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1775773310636503074%7Ctwgr%5Edb09ca094e9b2257582d6b555c618c97888d11b1%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.india.com%2Fhindi-news%2Fmaharashtra%2Fbig-relief-for-navneet-rana-in-caste-certificate-case-ahead-of-lok-sabha-election-6835128%2Fहाईकोर्ट ने लगाया था 2 लाख का जुर्माना
इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने 8 जून 2021 को अपने फैसले में कहा था कि नवनीत ने मोची जाति का प्रमाण पत्र फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से हासिल किया था। हाईकोर्ट ने उन पर 2 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया था। हाईकोर्ट के फैसले के बाद नवनीत राणा की संसदीय सदस्यता भी खतरे में पड़ गई थी। वहीं, आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच कमेटी ने पाया कि राणा का सर्टिफिकेट वास्तविक दस्तावेजों के आधार पर बनाया गया है।अमरावती से बीजेपी ने दिया टिकट
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें नवनीत राणा का अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया था। नवनीत ने साल 2019 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। अब नवनीत राणा को महाराष्ट्र के अमरावती से बीजेपी उम्मीदवार बनाया है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है। नवनीत राणा ने 2014 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के टिकट पर अमरावती से लोकसभा चुनाव लड़ा था। तब वे हार गई थीं।












