Aniruddh Singh
18 Jan 2026
नई दिल्ली। देश के हाईवे पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 1 अप्रैल से भारत के सभी टोल प्लाजा कैशलेस हो जाएंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि, टोल टैक्स अब केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही भुगतान किया जा सकेगा।
इस फैसले का मकसद टोल बूथ पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना, सफर को तेज और सुरक्षित बनाना है। इसके साथ ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना भी है। फिलहाल इस सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट देश के 25 टोल प्लाजा पर टेस्टिंग के तौर पर चल रहा है।
मौजूदा समय में FASTag अनिवार्य होने के बावजूद कई टोल बूथ पर नकद लेनदेन होता है। डिजिटल पेमेंट न करने वाले वाहनों के कारण टोल बूथ पर जाम लग जाता है।
कैशलेस होने के फायदे:
FASTag और NETC सिस्टम प्रोसेस:
केंद्रीय मंत्रालय के अनुसार इस फैसले के पीछे तीन प्रमुख उद्देश्य हैं-
ईंधन की बचत: टोल पर बार-बार रुकने और चलने से होने वाली पेट्रोल-डीजल की बर्बादी कम होगी।
पारदर्शिता: हर लेन-देन डिजिटल होगा, जिससे गड़बड़ी और हेराफेरी की गुंजाइश खत्म होगी।
तेज सफर: नकद पैसे और रसीद लेने में लगने वाला समय बचेगा और यात्रा आसान होगी।
सरकार इस कदम को ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) सिस्टम की दिशा में पहला कदम मान रही है। इस तकनीक में-
FASTag बैलेंस चेक करें: सुनिश्चित करें कि FASTag एक्टिव और बैलेंस पर्याप्त हो।
UPI पेमेंट तैयार रखें: यदि आपके वाहन में FASTag नहीं है, तो मोबाइल में UPI पेमेंट सुविधा एक्टिव हो।
नियम पालन: 1 अप्रैल के बाद बिना डिजिटल पेमेंट टोल पर आने पर जुर्माना या वाहन को वापस भेजा जा सकता है।