Hemant Nagle
10 Jan 2026
भोपाल। शहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में दो युवकों को पैसों का लालच देकर और धमकाकर धर्मांतरण कराने के मामले सामने आए हैं। पुलिस ने दो परिवारों के सदस्यों के खिलाफ धर्मांतरण, बंधक बनाने और धमकाने के मामले दर्ज किए हैं। पुलिस अफसरों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और बीएनएस की अन्य धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं और आगे की जांच जारी है। पहला मामला शहडोल के आकाश कुमार पानिका का है। आकाश ने आरोप लगाया है कि उसे इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया गया और मस्जिद में अवैध रूप से शादी कराई गई। आकाश चिकलोद रोड पर एक बेकरी में काम करता था। उसने दावा किया कि उसकी मुलाकात राशन की दुकान के मालिक शकीर हुसैन से हुई, जिन्होंने उसे बेकरी का व्यवसाय स्थापित करने का वादा किया था। शकीर ने आकाश को बेकरी मशीनों के लिए 8 लाख रुपए का ऋण देने का प्रस्ताव दिया और यह वादा किया कि धर्मांतरण के बाद मशीनों को उसके नाम पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
आकाश ने कहा कि यह आर्थिक सहायता का वादा जल्द ही दबाव में बदल गया और उसे शकीर के घर पर रहकर लगातार धमकियों का सामना करना पड़ा, जहां शकीर, उसके दामाद मोहम्मद फइम और कर्मचारी ताहिर खान उसे बार-बार डराते थे। आकाश ने आरोप लगाया कि एक दिन शकीर ने कुछ मौलवियों को अपने घर बुलाया, जहां उसका जबरन खतना किया गया और धर्मांतरण कराया गया, जिसके बाद उसका नाम मोहम्मद अनस रखा गया। उसे धर्मांतरण का खुलासा न करने की धमकी दी गई। इसके बाद, उसे उसकी इच्छा के खिलाफ एक महिला, फातिमा जहरा से मस्जिद में शादी करने के लिए मजबूर किया गया। आकाश ने कहा कि हालांकि उसने पूरा लोन चुका दिया और अपनी तरफ से 10 लाख रुपए भी धंधे में लगाए फिर भी आरोपी ने उसकी बेकरी मशीनों को अपने पास रखा और पिछले तीन महीनों से बेकरी बंद कर दी है।
दूसरी शिकायत बरखेड़ी के निवासी युवक शुभम गोस्वामी की है। शुभम ने आरोप लगाया कि उसे एक महिला इलमा के परिवार द्वारा धर्मांतरण के लिए दबाव डाला गया। शुभम का आरोप है कि पहले एक परिवार ने अपनी बेटी से दोस्ती कराई।। शुभम ने बताया कि 2022 में लड़की के परिवार द्वारा उसके खिलाफ अपहरण और बलात्कार का मामला दर्ज कराया गया। इसके बाद शुभम को जेल भेज दिया गया। उसे चार महीने जेल में रहना पड़ा। जमानत के बाद वह बाहर आया तो इलमा के पिता अब्दुल नसीम, भाई अब्दुल नदीम और मां शमा ने उसे वादा किया कि वे मामला वापस ले लेंगे और शादी का प्रबंध करेंगे, बशर्ते वह इस्लाम अपनाए। दबाव में आकर, शुभम ने मार्च 2023 में आम वाली मस्जिद में धर्मांतरण किया और उसे रायसेन और कर्नाटक में जमातों में भेज दिया गया। रायसेन में वह तीन दिन औ कर्नाटक की मस्जिद में 130 रहा। लौटने के बाद जब उसने परिवार से शादी के बारे में पूछा तो उन्होंने उसे नकारते हुए धमकी दी कि यदि वह हिंदू समुदाय से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे और उसके परिवार को मार डाला जाएगा। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे गोमांस खिलाया गया।