पहले टिप, फिर राइड? राइड से पहले टिप मांगना पड़ा भारी, सरकार ने ऐप्स को दिया सख्त निर्देश

नई दिल्ली। कैब बुक करने वाले यात्रियों के लिए टिप से जुड़ा नियम अब बदलने जा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स को अपने ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जांच करने का निर्देश दिया है। सरकार ने कहा है कि राइड शुरू होने से पहले टिप देने का विकल्प या ऐसा कोई संदेश नहीं दिखाया जाना चाहिए, जिससे यात्री को लगे कि अतिरिक्त पैसे देने से कैब जल्दी मिलेगी। नए निर्देश का असर Ola, Uber और Rapido जैसे राइड प्लेटफॉर्म पर पड़ सकता है। अब यात्री अपनी इच्छा से ड्राइवर को टिप दे सकेंगे, लेकिन यात्रा पूरी होने के बाद ही।
राइड से पहले टिप मांगने पर सरकार सख्त
सरकार के सामने यह मामला आया था कि कुछ राइड बुकिंग ऐप्स पर यात्रा शुरू होने से पहले ही टिप देने के विकल्प दिखाई दे रहे थे। कई जगहों पर यात्रियों को यह संकेत भी दिया जा रहा था कि टिप देने से ड्राइवर के राइड स्वीकार करने की संभावना बढ़ सकती है। मंत्रालय ने ऐसे फीचर्स को Motor Vehicle Aggregator Guidelines 2025 के नियमों के खिलाफ माना है। सरकार ने सभी एग्रीगेटर्स से अपने ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म की समीक्षा करने को कहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि यात्री को राइड बुक करते समय किसी तरह का अतिरिक्त भुगतान करने के लिए प्रेरित न किया जाए।
ये भी पढ़ें: हंगामे से लेकर बड़े बिलों तक… आज खत्म होगा संसद का मानसून सत्र, जानें क्या रहा खास
सफर खत्म होने के बाद मिलेगी टिप
नए निर्देश के मुताबिक यात्री ड्राइवर को टिप देना चाहता है तो उसे यात्रा पूरी होने के बाद ही यह विकल्प मिलेगा। बुकिंग के समय, राइड शुरू होने से पहले या सफर के बीच में टिप देने का विकल्प नहीं दिखाया जा सकेगा। यानी यात्री पहले से टिप देकर अपनी राइड को जल्दी कराने की कोशिश नहीं कर सकेगा। सरकार ने साफ किया है कि टिप देना पूरी तरह यात्री की इच्छा पर निर्भर रहेगा और इसे राइड मिलने की शर्त नहीं बनाया जा सकता।
ज्यादा टिप से जल्दी राइड का दावा भी नहीं चलेगा
मंत्रालय ने सिर्फ टिप बटन हटाने की बात नहीं कही है। ऐप का डिजाइन और मैसेज भी ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे यात्री को लगे कि ज्यादा टिप देने पर राइड जल्दी कन्फर्म होगी। इसके अलावा टिप को ड्राइवर के राइड स्वीकार करने, ड्राइवर अलॉट होने, कम वेटिंग टाइम या बेहतर सर्विस से जोड़ने वाले किसी भी संकेत की अनुमति नहीं होगी। यानी ऐप पर सीधे या घुमाकर यात्री को ज्यादा पैसे देने के लिए प्रेरित नहीं किया जा सकेगा।
ड्राइवर को मिलेगी टिप की पूरी रकम
सरकार ने टिप की रकम को लेकर भी नियम साफ किया है। यात्रा पूरी होने के बाद यात्री जो टिप देगा, उसकी पूरी राशि ड्राइवर को मिलनी चाहिए। एग्रीगेटर उसमें से किसी तरह की कटौती नहीं कर सकता। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि टिपिंग से जुड़ा कोई फीचर भ्रामक या दबाव बनाने वाला नहीं होना चाहिए। यह उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े नियमों के अनुरूप होना जरूरी है।
ये भी पढ़ें: रांची में छात्रों के विधानसभा मार्च पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 600 प्रदर्शनकारियों पर FIR
ऐप कंपनियों को तुरंत फीचर जांचने के निर्देश
मंत्रालय ने सभी मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स को अपने मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म की समीक्षा कर जरूरी बदलाव करने को कहा है। अब टिप का फैसला यात्री सफर पूरा होने के बाद अपनी इच्छा से कर सकेगा।











