बुरहानपुर बनेगा इंडस्ट्रियल हॉटस्पॉट:सीएम मोहन यादव ने दिए उद्योग और रोजगार के नए संकेत, बदलेगी मध्य प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर

बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य के विकास, उद्योग, व्यापार और कृषि को लेकर अपना व्यापक विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने तेज आर्थिक प्रगति की है और आज दुनिया के सामने एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में उभर चुका है। उनके अनुसार यह बदलाव देश के नेतृत्व और आम नागरिकों की मेहनत का परिणाम है।
भारत की आर्थिक प्रगति पर मुख्यमंत्री का नजरिया
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सिर्फ एक देश नहीं बल्कि एक बड़ी आर्थिक ताकत बन चुका है, जिसने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के किसी भी देश की आर्थिक उन्नति में भारतीयों का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि प्राचीन भारत वैश्विक व्यापार में लगभग 33 प्रतिशत योगदान देता था, जिसमें मसाले, रेशम और धातुओं का बड़ा व्यापार शामिल था। बाद में यह हिस्सा घट गया, लेकिन अब फिर से भारत अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है।
2014 के बाद देश में आया बड़ा बदलाव
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 2014 के बाद देश की आर्थिक दिशा में बड़ा बदलाव आया है। जन धन योजना जैसे कदमों से आम लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत हुई और लोगों तक सीधा लाभ पहुंचा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ विकास करना नहीं बल्कि हर नागरिक को विकास से जोड़ना है। इसी उद्देश्य से वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष और 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।
बुरहानपुर में उद्योगपतियों से संवाद
बुरहानपुर में परमानंद गोविंदजीवाला सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर परिस्थिति में व्यापारियों और उद्यमियों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
फिनिक्स पक्षी से की उद्योगपतियों की तुलना
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों की तुलना फिनिक्स पक्षी से की। उन्होंने कहा कि जैसे फिनिक्स पक्षी राख से पुनर्जन्म लेकर फिर से उड़ान भरता है, वैसे ही भारतीय उद्योगपति भी हर चुनौती के बाद और मजबूत होकर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उद्योग और व्यापार पहले से कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेंगे।
बुरहानपुर को बताया विकास का नया केंद्र
मुख्यमंत्री ने बुरहानपुर को विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि यह जिला भले ही छोटा है, लेकिन इसकी संभावनाएं बहुत बड़ी हैं। उन्होंने इसे दक्षिण का द्वार बताया और कहा कि यहां उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि इस क्षेत्र में निवेश बढ़े और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
व्यापारियों और उद्योगों के लिए नई घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को मंजूरी दी है, जो जिला स्तर तक काम करेगा। इससे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान तेजी से किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि निमाड़ क्षेत्र में इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की जाएगी, जिससे नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
कपास पर ड्यूटी खत्म करने की तैयारी
डॉ. यादव ने कहा कि सरकार कपास पर लगने वाली ड्यूटी को समाप्त करने पर विचार कर रही है, जिससे किसानों और उद्योगपतियों दोनों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा बिजली और अन्य विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी काम चल रहा है ताकि उद्योगों को किसी तरह की बाधा न आए।
इंडस्ट्रियल क्लस्टर और निवेश योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि बुरहानपुर में इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित किया जाएगा, जिससे कपास और केला उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों की आय भी बढ़ेगी और उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि निमाड़ में टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़े क्लस्टर को और मजबूत किया जा रहा है।

किसानों की आय बढ़ाना प्राथमिक लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना है। उद्योग, व्यापार और कृषि को साथ लेकर एक मजबूत आर्थिक ढांचा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक किसान मजबूत नहीं होगा, तब तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी पूरी तरह मजबूत नहीं हो सकती।
रोजगार और विकास पर फोकस
डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का ध्यान रोजगार बढ़ाने और उद्योगों को मजबूत करने पर है। इससे न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार निवेश को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है ताकि अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हों।
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