गलती नहीं मानी पर हर्जाना देंगे:एप्पल देगा 23 अरब 62 करोड़ का हर्जाना, किया था सीरी के available now का झूठा दावा

वॉशिंगटन। एप्पल ने 250 मिलियन डॉलर (करीब 23 अरब 62 करोड़ रुपए) का पेमेंट कर एक सामूहिक मुकदमे को खत्म करने को तैयार हो गया है। इस मुकदमे में कंपनी पर आरोप लगाया गया था कि उसने 2024 के आखिर में अपने सिरी वॉयस असिस्टेंट की AI केपेबिलिटी का झूठा प्रचार करके लाखों आईफोन खरीदारों को गुमराह किया था।
मौजूद नहीं थीं जो क्षमताएं उनका प्रचार किया
मुकदमे में आरोप लगाया गया कि कैलिफोर्निया स्थित इस तकनीक कंपनी पर आईफोन की बिक्री बढ़ाने के लिए "ऐसी एआई क्षमताओं का प्रचार किया गया जो उस समय मौजूद नहीं थीं। यहां तक कि अभी मौजूद नहीं हैं और अगले दो या अधिक सालों तक भी नहीं होंगी। एप्पल के सिरी के अधिक "पर्सनल" एडिशन को लगभग दो साल पहले घोषित किए जाने के बावजूद अभी तक पूरी तरह से जारी नहीं किया गया है।
इन डिवाइस को शामिल किया
एप्पल ने गलत तरीके से यह दावा किया था कि नई एआई-संचालित सिरी "अभी उपलब्ध'' है। खास बात यह है कि अदालत की मंजूरी के लिए दायर किए गए समझौते में एप्पल द्वारा कोई भी गलती नहीं मानी गई है। इसमें लगभग 36 मिलियन (3.6 करोड़) डिवाइस शामिल हैं। इनमें आईफोन 16, आईफोन 15 प्रो और 15 प्रो मैक्स हैं। यह डिवाइस 10 जून 2024 से 29 मार्च 2025 के बीच अमेरिका में खरीदे गए थे।
एप्पल का दावा- हमने केस सुलझा लिया है
केस को लेकर एप्पल ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि हमने इस मामले को सुलझा लिया है। अब हम पूरा ध्यान उस काम पर लगा सकेंगे और जो सबसे अच्छा है उसे कर सकेंगे। इस केस के सुलझने के बाद हर क्लेमेंट को 25 डॉलर प्रति डिवाइस मिल सकते हैं।
लॉ फर्म ने कहा- एतिहासिक समझौता
क्लार्कसन लॉ फर्म के संस्थापक रयान क्लार्कसन ने कहा - हमें उपभोक्ताओं की ओर से एक ऐतिहासिक समझौता हासिल करने पर गर्व है। उन्हें अपनी मेहनत की कमाई खर्च करने के फैसले लेते समय आत्मविश्वास और सुरक्षा का अनुभव होना चाहिए। हम एआई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। कंपनियां और रेग्युलेटर अब जो निर्णय लेंगे, वे इस तकनीक के आम लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव को निर्धारित करेंगे।












