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Teacher Candidates Protest :भोपाल डीपीआई के सामने चयनित शिक्षक-अभ्यर्थियों ने किया धरना प्रदर्शन, 9 महीने बाद भी नियुक्ति नहीं

भोपाल में चयनित शिक्षक-अभ्यर्थियों ने डीपीआई के सामने प्रदर्शन कर नियुक्ति में देरी पर नाराजगी जताई। 9 महीने बाद भी 10,700 उम्मीदवारों को जॉइनिंग नहीं मिली है। नियमों के बावजूद प्रक्रिया लंबित है, जबकि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है।
भोपाल डीपीआई के सामने चयनित शिक्षक-अभ्यर्थियों ने किया धरना प्रदर्शन, 9 महीने बाद भी नियुक्ति नहीं

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर अब नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। चयनित अभ्यर्थियों ने बुधवार को लोक शिक्षण संचालनालय(डीपीआई) के बाहर प्रदर्शन कर सरकार और विभाग के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबी भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं मिली है। करीब 10,700 युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है, जबकि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब जरूरत इतनी ज्यादा है, तो नियुक्ति में देरी क्यों?

9 महीने बाद भी नहीं मिला नियुक्ति आदेश

शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन सूची जारी हुए लगभग 9 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो नियुक्ति आदेश जारी हुए हैं और न ही चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो सकी है। अभ्यर्थियों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया साल 2022 में शुरू हुई थी, जिसके बाद 2023 में पात्रता परीक्षा हुई और अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा आयोजित की गई। लंबा इंतजार करने के बाद सितंबर 2025 में परिणाम घोषित हुआ, लेकिन इसके बाद प्रक्रिया लगभग ठप पड़ गई।

नियमों के बावजूद देरी पर सवाल

अभ्यर्थियों ने भर्ती नियमों का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षा संचालन नियम पुस्तिका की धारा 3.28 के अनुसार चयन सूची जारी होने के तीन महीने के भीतर नियुक्ति देना अनिवार्य है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका आरोप है कि विभाग की ओर से सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि जमीन पर कोई काम नहीं दिख रहा।

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'जॉइनिंग नहीं मिली तो भूख हड़ताल करेंगे'

वर्ग 2 की चयनित अभ्यर्थी दिपीका ने कहा कि उनका धरना अनिश्चितकालीन है। उन्होंने कहा कि जब तक जॉइनिंग नहीं मिलेगी, हम यहां से नहीं हटेंगे। अगर आज शाम तक नियुक्ति नहीं दी गई, तो कल से भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

'मार्च-अप्रैल का वादा भी अधूरा'

चयनित अभ्यर्थी विनोद यादव ने बताया कि वे पिछले साल से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ने मार्च और अप्रैल तक जॉइनिंग शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज दिनांक तक कोई अपडेट नहीं आया।

10,700 युवाओं का भविष्य अधर में

करीब 10,700 चयनित अभ्यर्थी इस देरी से प्रभावित हैं। उनका कहना है कि नया शैक्षणिक सत्र अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक उन्हें जॉइनिंग नहीं दी गई। अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पर किसी तरह का कोर्ट स्टे नहीं है, फिर भी देरी के लिए कानूनी कारण बताए जा रहे हैं।

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स्कूलों में भारी कमी, फिर भी नियुक्ति लंबित

हाल ही में आई रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी है। लगभग 1,895 स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि 29,116 स्कूलों में करीब 99,682 शिक्षकों के पद खाली हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां केवल 70 प्रतिशत पद ही भरे हुए हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब स्कूलों में इतनी कमी है, तो भर्ती प्रक्रिया में देरी का कारण क्या है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...

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