गोदभराई के 4 दिन बाद 7 महीने की गर्भवती की मौत, फौजी पति समेत सास-ससुर गिरफ्तार; मायके वालों ने मांगी फांसी

बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की रहने वाली 7 महीने की गर्भवती महिला की महाराष्ट्र के वाशिम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान दीपाली माने के रूप में हुई है। दीपाली की शादी करीब एक साल पहले वाशिम निवासी सेना के जवान ध्यानेश्वर मदने से हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उसे ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दीपाली की गोदभराई की रस्म 2 अगस्त को हुई थी और इसके महज चार दिन बाद 6 अगस्त को उसके मायके वालों को उसकी मौत की खबर मिली। परिवार का आरोप है कि दीपाली की हत्या की गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति ध्यानेश्वर मदने, ससुर नंदु मदने और सास इंदु मदने को गिरफ्तार कर लिया है। मायके वालों ने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। वहीं, पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शादी के तीन महीने बाद शुरू हुई कथित प्रताड़ना
परिजनों के मुताबिक, दीपाली और ध्यानेश्वर की शादी के बाद शुरुआती करीब तीन महीने तक सबकुछ सामान्य था। इसके बाद जब ध्यानेश्वर की पोस्टिंग कोलकाता में थी, तब कथित तौर पर उसने पत्नी को प्रताड़ित करना शुरू किया। परिवार का आरोप है कि दीपाली ने शुरुआत में घरेलू विवाद को ज्यादा बढ़ाने के बजाय पति की हरकतों को नजरअंदाज किया। लेकिन कुछ समय बाद मामला गंभीर हो गया। परिजनों के मुताबिक, दीपाली को कथित तौर पर फिनाइल पिलाने और फांसी के फंदे पर लटकाने की कोशिश भी की गई थी। इस दौरान उसके पति ने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया था। घटना के बाद दीपाली ने अपने मायके वालों को पूरी बात बताई।
दोनों परिवारों के बीच हुई थी सुलह
दीपाली की शिकायत के बाद दोनों परिवारों के लोग साथ बैठे और मामले को सुलझाने की कोशिश की। परिवार का कहना है कि उस समय दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। दीपाली के पिता अनिल माने को उसके ससुर नंदु मदने ने भरोसा दिलाया था कि अब दीपाली की जिम्मेदारी उनकी है और आगे उसके साथ कुछ गलत नहीं होगा। परिवार ने इस भरोसे के बाद दीपाली को वापस ससुराल भेज दिया। मायके वालों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि विवाद खत्म हो गया है और बेटी अब सुरक्षित रहेगी। लेकिन कुछ समय बाद सामने आई घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
2 अगस्त को हुई थी धूमधाम से गोदभराई
दीपाली सात महीने की गर्भवती थी। गर्भावस्था के सात महीने पूरे होने के बाद 2 अगस्त को वाशिम में उसकी गोदभराई की रस्म आयोजित की गई थी। परिवार के मुताबिक, कार्यक्रम में दोनों परिवार शामिल हुए और रस्में सामान्य तरीके से पूरी हुईं। मायके पक्ष के लोगों ने दीपाली को अपने साथ बुरहानपुर ले जाने की इच्छा जताई थी। उनका कहना है कि उन्होंने ससुराल वालों से बेटी को कुछ दिनों के लिए मायके भेजने का आग्रह किया, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। गोदभराई के कार्यक्रम के कुछ ही दिन बाद हालात अचानक बदल गए।
6 अगस्त को फोन आया- बेटी गिरकर घायल हो गई
परिवार के मुताबिक, 6 अगस्त को उन्हें सूचना दी गई कि दीपाली गिरकर घायल हो गई है। यह जानकारी मिलने के बाद उसके मायके वाले तुरंत वाशिम पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें पता चला कि दीपाली की मौत हो चुकी है। परिवार के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें बताया कि मामला सामान्य हादसे का नहीं बल्कि हत्या का है। इसके बाद दीपाली के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पति समेत सास-ससुर गिरफ्तार
दीपाली के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति ध्यानेश्वर मदने, ससुर नंदु मदने और सास इंदु मदने के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस की जांच जारी है। मौत की वास्तविक वजह, घटना के पीछे की परिस्थितियां और आरोपों की पुष्टि जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। फिलहाल परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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परिवार ने कहा- आरोपियों को मिले फांसी की सजा
दीपाली की मौत के बाद उसके मायके वालों में गहरा आक्रोश है। परिवार का कहना है कि जिस बेटी की कुछ दिन पहले ही गोदभराई हुई थी, उसे इस तरह खोना उनके लिए असहनीय है। परिजनों ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई और फांसी की सजा की मांग की है। उनका कहना है कि अगर आरोप साबित होते हैं तो दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। स्थानीय पार्षद ने भी घटना पर दुख जताया है। उन्होंने दीपाली को अपने वार्ड की होनहार बेटी बताते हुए मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच सबसे अहम है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से यह स्पष्ट होगा कि दीपाली की मौत किन परिस्थितियों में हुई और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।












