राजीव सोनी, भोपाल। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की टीम में विस्तार के साथ कई दिग्गज नेताओं की अर्से बाद संगठन में वापसी हो गई। पार्टी हाईकमान के ‘एक व्यक्ति एक पद फॉर्मूले से दर्जा मंत्री की आस में बैठे कई वरिष्ठ नेता निगम-मंडलों की दौड़ से बाहर हो गए। इनमें कुछ नेता ऐसे भी हैं जिनका कॅरियर आरएसएस प्रचारक के बतौर शुरू हुआ। इसके बाद ये लोग संगठन मंत्री सहित जिला, विभाग व संभागीय प्रभारी के साथ सरकार में दर्जा मंत्री भी रह लिए।
खंडेलवाल ने अपनी टीम में शैलेंद्र बरूआ, जितेंद्र लिटोरिया, आशुतोष तिवारी, जयपाल सिंह चावड़ा, सुरेश आर्य और विजय दुबे सहित कतिपय अन्य सीनियर नेताओं को महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंपी है। भाजपा की विस्तारित टीम में दो नए संभाग गठन करते हुए पहली बार प्रदेश में सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों के अलग-अलग प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं। कुछ दिग्गजों की दावेदारी एक बार फिर निगम-मंडलों में होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों में भी थी। लेकिन अब लंबे समय बाद इन्हें भाजपा मुख्यालय और संगठन के कामकाज में ‘फुल टाइमर’के रूप में जवाबदारी सौंपी गई है।
शैलेंद्र बरुआ प्रदेश उपाध्यक्ष : दर्जा मंत्री के बतौर पाठ्य पुस्तक निगम की बागडोर संभाल चुके हैं। आरएसएस के प्रचारक के बाद पार्टी में संगठन मंत्री सहित कई जवाबदारी में रहे।
आशुतोष तिवारी प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी : हाउसिंग बोर्ड के चेयरमेन रहे। संघ प्रचारक से शुरूआत होने के बाद भाजपा में संगठन मंत्री, जिला, विभाग और संभाग प्रभारी भी रह चुके है।
जितेंद्र लिटोरिया कार्यालय व्यवस्था प्रभारी : खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की कमान संभाल चुके हैं। संगठन मंत्री के साथ जिला और संभाग में पार्टी का समन्वय कर चुके हैं।
जयपाल सिंह चावड़ा अध्यक्ष-किसान मोर्चा : इंदौर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष की शानदार पारी निभा चुके हैं। संघ प्रचारक, संगठन मंत्री और संभाग में पार्टी का समन्वय संभाल चुके हैं।
मनोरंजन मिश्रा प्रदेश मोर्चा प्रभारी : संगठन में करीब 8-9 साल बाद वापसी हुई। सदस्यता अभियान प्रभारी रहे। पार्टी ने पश्चिम बंगाल सहित लोकसभा-विधानसभा चुनाव के मोर्चे पर तैनात किया।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाते हुए संगठन में सुरेश आर्य, नंदिता पाठक, गौरव सिरोठिया और सुरेंद्र शर्मा सहित अन्य कई वरिष्ठ नेताओं को जवाबदारी सौंपी गई है। कार्यालय प्रभारी के बतौर संघ पृष्ठभूमि के श्याम महाजन की पहले ही नियुक्ति हो चुकी है। विजय दुबे भी पूर्व में निगम-मंडल की कमान संभाल चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान नंदिता पाठक का नाम खजुराहो लोकसभा सीट के लिए उभरा था। संघ पृष्ठभूमि और नानाजी देशमुख के चित्रकूट प्रकल्प से भी नंदिता लंबे समय से जुड़ी हुई हैं।