
पटना। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी पिछले कई महीनों से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने बुधवार को खुद इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा- पिछले 6 महीने से कैंसर से संघर्ष कर रहा हूं। अब लगा कि लोगों को बताने का समय आ गया है। लोकसभा चुनाव में कुछ कर नहीं पाऊंगा। PM को सब कुछ बता दिया है। देश, बिहार और पार्टी का सदा आभार और सदैव समर्पित।
पिछले 6 माह से कैंसर से संघर्ष कर रहा हूँ । अब लगा कि लोगों को बताने का समय आ गया है । लोक सभा चुनाव में कुछ कर नहीं पाऊँगा ।
PM को सब कुछ बता दिया है ।
देश, बिहार और पार्टी का सदा आभार और सदैव समर्पित |— Sushil Kumar Modi (मोदी का परिवार ) (@SushilModi) April 3, 2024
गले के कैंसर से हैं पीड़ित
सुशील मोदी गले के कैंसर से पीड़ित हैं। 3 महीने पहले गले में दर्द की शिकायत पर जांच कराई तो कैंसर का पता चला। वहीं सुशील मोदी के पोस्ट पर बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि, यह जानकर मुझे बहुत पीड़ा हुई है। मैं उनके स्वस्थ होने की कामना करते हूं। चुनाव प्रचार में हमें उनकी कमी खलेगी।
सुशील मोदी का राजनीतिक करियर
- आरएसएस से जुड़े रहे सुशील कुमार मोदी ने अपना राजनीतिक करियर 1971 में पटना यूनिवर्सिटी से छात्र नेता के रूप में शुरू किया था।
- 1973 में वह पीयू छात्रसंघ महासचिव बने, उन्होंने 1974 में बिहार छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था।
- नीतीश कुमार और सुशील मोदी बिहार में 70 के दशक के जेपी आंदोलन की उपज हैं। उन्हें जेपी आंदोलन और आपातकाल के दौरान पांच बार गिरफ्तार किया गया था।
- उन्होंने MISA की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद MISA की धारा 9 को असंवैधानिक करार दिया गया था।
- 1990 में सुशील कुमार मोदी ने पटना केंद्रीय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और विधानसभा पहुंचे। साल 2004 में वे भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीते।
- साल 2005 में उन्होंने संसद सदस्यता से इस्तीफा दिया और विधान परिषद के लिए निर्वाचित होकर उपमुख्यमंत्री बने।
- 2005 से 2013 तक बिहार सरकार में लगातार उपमुख्यमंत्री रहे। 2017 से 2020 तक बिहार के वित्त मंत्री रह चुके हैं। वो नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम भी रह चुके हैं। उसके बाद नीतीश आरजेडी के साथ चले गए तो वह विधानपरिषद में नेता प्रतिपक्ष भी बने।
- बीजेपी नेता सुशील मोदी लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं।
- साल 2020 में रामविलास पासवान के निधन से खाली हुई राज्यसभा सीट से सुशील मोदी को राज्यसभा भेज दिया गया था। हालांकि, राज्यसभा में उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
One Comment