ऐसा भी हो होता है...कांग्रेस नेताओं ने BJP से मिला लिया हाथ, संगठन को पता चला तो 12 को किया सस्पेंड

मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस ने अंबरनाथ नगर परिषद में BJP के साथ गठबंधन करने वाले अपने सभी 12 पार्षदों को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी को भंग कर दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि किसी भी स्तर पर BJP के साथ गठबंधन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो नेता BJP के साथ समझौता करेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

अंबरनाथ में नए सियासी समीकरण
अंबरनाथ नगर परिषद की राजनीति में नया मोड़ सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार BJP और कांग्रेस के बीच बने गठबंधन को ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ नाम दिया गया है। खास बात यह है कि अंबरनाथ को शिंदे गुट की शिवसेना का मजबूत गढ़ माना जाता है। यहीं से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे लोकसभा सांसद हैं। ऐसे में BJP -कांग्रेस की यह साझेदारी स्थानीय राजनीति में हलचल का कारण बन गई है।
चुनाव के बाद बढ़ा तनाव
अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में BJP का नगराध्यक्ष चुना गया था। शिवसेना (शिंदे) को उम्मीद थी कि भाजपा उसके साथ मिलकर परिषद में सत्ता बनाएगी, लेकिन भाजपा ने कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया। इस फैसले से शिंदे गुट में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने कहा कि जो पार्टी कांग्रेस-मुक्त भारत की बात करती है, वही आज कांग्रेस के साथ मिलकर शिवसेना पर राजनीतिक हमला कर रही है। सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि यह सवाल पूरी तरह BJP के लिए है और उसके नेता ही इसका जवाब दे सकते हैं।
BJP का पलटवार, कांग्रेस गठबंधन पर सफाई
BJP उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने शिंदे गुट के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अगर वे पिछले 25 वर्षों से कथित भ्रष्टाचार में शामिल शिंदे गुट के साथ सत्ता में रहते, तो वह वास्तव में अनुचित गठबंधन होता। उन्होंने यह भी कहा कि शिंदे गुट से महागठबंधन पर बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन मंजूर नहीं है। फडणवीस ने यह भी भरोसा दिलाया कि अंबरनाथ में स्थानीय स्तर पर लिए गए फैसले को सुधारा जाएगा और कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं रहेगा।












