बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है। उनके इस कदम के साथ राज्य में एक लंबे राजनीतिक दौर का अंत माना जा रहा है।
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि सम्राट चौधरी राज्य के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट कर अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि 24 नवंबर 2005 को बिहार में पहली बार एनडीए सरकार बनी थी और तब से राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लगातार विकास कार्यों में जुटी रही है।
नीतीश कुमार ने अपने बयान में कहा कि सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है। चाहे हिंदू हो या मुस्लिम, अपर कास्ट हो या पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित या महादलित सभी के विकास पर ध्यान दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने किसी एक वर्ग नहीं, बल्कि पूरे समाज के संतुलित विकास पर जोर दिया।
अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि जैसे क्षेत्रों में किए गए कामों को गिनाया। इसके अलावा महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए भी कई योजनाएं चलाई गईं, जिनसे राज्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।
नीतीश कुमार का इस्तीफा बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद उनका पद छोड़ना राज्य के लिए एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।