भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह सरकार्यवाह सीआर मुकुंद ने कहा है कि हिंदू समाज पर केवल फौजी आक्रमण ही नहीं हुए, उसे आर्थिक और वैचारिक हमलों का भी सामना करना पड़ा है। हिंदू समाज को सजग, संगठित और आत्मनिर्भर बनाना आज की जरूरत है। अपनी परंपराएं और संस्कार नई पढ़ी तक सुरक्षित रूप से पहुंचाना भी हमारी ही ड्यूटी है। भोपाल में सह सरकार्यवाह मुकुंद पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मध्यभारत प्रांत के सह संघचालक डॉ. राजेश सेठी और सोमकांत उमालकर भी मौजूद थे।
मुकुंद ने कहा कि केवल व्यवस्था में परिवर्तन से स्थायी बदलाव नहीं आ सकता। व्यक्ति निर्माण से ही समाज में परिवर्तन संभव है और यही संघ का मूल उद्देश्य भी है। संघ (RSS) ने अपने 100 वर्षों के कार्यकाल में इसी ध्येय मंत्र को केंद्र में रखकर कार्य किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम आज समाज में दिखाई दे रहे हैं। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देश भर में संघ के अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। सह सरकार्यवाह ने व्यक्ति निर्माण में घर और परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण बताई।
उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज के साथ परिवार भी पहली और सबसे प्रभावशाली पाठशाला है। यदि परिवार में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभाव का वातावरण हो, तो समाज स्वत: सुदृढ़ बनता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कवर्ड कैंपस में चल रहे कार्यक्रम और उपलब्धियों के बारे में चर्चा की। इस मौके पर बड़ी संख्या में मातृशक्ति भी मौजूद थीं। स्वयंसेवकों ने सामाजिक समरसता, नियमित संपर्क और सेवा गतिविधियों का ब्योरा दिया।
उल्लेखनीय है कि संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत दो और तीन जनवरी को भोपाल पहुंचेंगे। इस दौरान वे प्रबुद्धजनों से चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर जबलपुर में आयोजित बड़ी बैठक के बाद संघ के कार्यक्रम देशभर में आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्वयंसेवक घर-घर पहुंचकर भी जनसंपर्क कर रहे हैं।