Peoples Update Special :हरियाली के लिए नन्हे कदम...भोपाल की बस्ती के बच्चों ने बनाए सीड बॉल्स, अब लोगों को बांटकर रहे

राजधानी भोपाल के बच्चों ने हरियाली बढ़ाने के लिए बड़ी जिम्मेदारी उठाई है। गर्मी की छुट्टियों में श्याम नगर और शिव नगर बस्ती के बच्चों ने घर-घर जाकर बीज इकट्ठे किए और उन्हें सीड बॉल का आकार दिया। अब बारिश में बच्चे लोगों को सीड बॉल बांट रहे हैं।
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हरियाली के लिए नन्हे कदम...भोपाल की बस्ती के बच्चों ने बनाए सीड बॉल्स, अब लोगों को बांटकर रहे
भोपाल की बस्ती के बच्चों ने इस तरह सीड बॉल बनाए हैं।

पल्लवी वाघेला, भोपाल। अब पर्यावरण बचाने की जिम्मेदारी नन्हे हाथों ने भी थाम ली है। राजधानी में ऐसे बच्चों का ग्रुप है, जो खुद पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग है और लोगों को भी प्रेरित कर रहा है। यह बच्चे श्याम नगर और शिव नगर बस्ती के हैं। इन्होंने समर वेकेशन में केवल मस्ती ही नहीं की, बल्कि इस समय का सदुपयोग करते हुए घर-घर जाकर बीज जमा किए और उनको सीड बॉल का रूप दिया। अब ये बच्चे सीड बॉल्स लोगों कर बांट रहे हैं और उनसे अपील करते हैं कि जहां भी खाली मैदान देखें, इनको वहां रोपित कर दें, या आते-जाते वहां फेंक दें, ताकि मानसून में यह सीड्स अंकुरित हो सकें।

बीज इकठ्ठा करने की युक्ति खुद बच्चों ने खोजी

इन बच्चों ने बताया कि सीड बॉल का आइडिया उन्हें बाल गतिविधि केंद्र से मिला था। बता दें, इन बस्तियों में क्राई अमेरिका, विकास संवाद संस्था और सहारा साक्षरता एजुकेशन सोसायटी की मदद से बाल गतिविधि केंद्र संचालित होता है। यहीं इन बच्चों ने सीड बॉल बनाना सीखा था। लेकिन, इसके लिए बीज इकठ्ठा करने की युक्ति खुद बच्चों ने खोजी। बस्ती के 6 से 10 वर्ष तक के ये बच्चे बस्ती के हर घर में पहुंचे और उन्हें कहा कि घर में जो भी फल या सब्जी आए जिनमें बीज हों, तो उनके बीज को फेकें नहीं, बल्कि इकठ्ठा करके रखें। बच्चे हर रोज शाम को घर-घर जाते और वहां से बीज कलेक्ट करते। इस दौरान उन्होंने आम, जामुन, बेर, इमली, करंजी, कद्दू सहित अनेक स्थानीय और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पेड़ों के बीज जुटाए। जून से इन्हें बांटने का काम शुरू किया।

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प्रशिक्षकों से ली उपयुक्त मिट्टी

बच्चे यह बीज लेकर बाल गतिविधि केंद्र पहुंचे, जहां प्रशिक्षकों ने उन्हें उपयुक्त मिट्टी तैयार करके दी और बच्चों ने अपने हाथों से इनके गोले बनाकर उसमें बीज रखे। इन सीड बॉल को धूप में सुखाकर तैयार किया गया और अब इन्हें वितरित किया जा रहा है। बता दें, यह बच्चे पहले बस्ती में पॉलीथिन का प्रयोग सीमित करने में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं। इसके लिए बच्चों ने खुद पेपर बैग तैयार कर बांटे थे और अब उनकी बस्ती में पॉलीथिन का इस्तेमाल बेहद सीमित हो गया है।

उत्साहित रहे बच्चे

बाल गतिविधि केन्द्र से जुड़े शिवराज कुशवाह और प्रशिक्षक शिव कुमारी यादव ने बताया कि इस प्रक्रिया में बच्चे उत्साहित रहे और उन्होंने जैव विविधता, ग्लोबल वॉर्मिंग जैसे विषयों को भी समझा। वहीं, इन बच्चों ने अपने स्कूल में दूसरे बच्चों को भी सीड बॉल बनाने के लिए प्रेरित किया।

अब हम सीड बॉल्स बांट रहे हैं

हम लोगों को सीड बॉल बनाकर बहुत अच्छा लगा। कुछ दिनों में तो ऐसा हो गया था कि लोग हमें बुलाकर कहते थे कि बीज ले जाओ। अब हम सीड बॉल्स बांट रहे हैं। दूसरे शहर से जो लोग बस्ती में आते हैं, उन्हें भी सीड बॉल गिफ्ट करते हैं, ताकि पेड़ रहित खाली मैदान इस बारिश में हरे-भरे हो जाएं। मानसून पूरी तरह आने के बाद सीड बॉल्स को ज्यादा लोगों में बांटने की प्लानिंग है।

दिव्यांशी और राखी

फैक्ट फाइल

  • दोनों बस्ती में हैं 37 बच्चों का ग्रुप
  • समर वेकेशंस में 2000 से अधिक सीड बॉल्स तैयार कीं।
  • करीब 800 बॉल्स को गर्मी में आए रिश्तेदारों, बस्ती में आए मेहमानों और अन्य लोगों को गिफ्ट कर चुके हैं।
  • बची हुई बॉल्स को बच्चे 15 जुलाई के बाद मानसून पूर्ण रूप से आने के बाद संस्था की मदद से शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वितरित करेंगे।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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