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भोपाल : पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने लिखा सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र, कांग्रेस विधायकों के फंड में भेदभाव का लगाया आरोप, भाजपा ने किया पलटवार

भोपाल : पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने लिखा सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र, कांग्रेस विधायकों के फंड में भेदभाव का लगाया आरोप, भाजपा ने किया पलटवार
भोपाल। मध्यप्रदेश में विधायकों को दी जाने वाली सरकारी विकास निधि के आवंटन में भेदभाव का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों में विकास निधि नहीं देने का आरोप लगाया है। पटवारी ने पत्र में मुख्यमंत्री से इस भेदभाव को तुरंत समाप्त करने और सभी विधायकों को समान अधिकार देने की मांग की है।

सरकार कर रही पक्षपातपूर्ण राजनीति- पटवारी

अपने पत्र में पटवारी ने लिखा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते समय मोहन यादव ने निष्पक्ष और समान रूप से जनता की सेवा करने का वचन दिया था, लेकिन वर्तमान में सरकार पक्षपातपूर्ण राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों के क्षेत्र की जनता भी करदाता है और उन्हें भी विकास योजनाओं का समान लाभ मिलना चाहिए। यदि सरकार भेदभावपूर्ण रवैया अपनाती है, तो जनता का लोकतांत्रिक प्रणाली से विश्वास उठ जाएगा।

बीजेपी विधायकों की निधि का 40% कमीशन में जाता है

पटवारी ने सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी निधि का बड़ा हिस्सा ठेकेदारों और अधिकारियों के माध्यम से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। उन्होंने कहा, "अगर मोटे तौर पर अनुमान लगाया जाए, तो 1 लाख रुपए में से करीब 65 से 70 हजार रुपए भ्रष्टाचार और कमीशन में चले जाते हैं और केवल 30-35% राशि ही विकास कार्यों पर खर्च होती है।" उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति ने मध्यप्रदेश की छवि देश के सबसे भ्रष्ट राज्यों में से एक के रूप में बना दी है।

पटवारी ने रखी तीन प्रमुख मांगें

जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं,
  1. सभी विधायकों को समान विकास निधि मिले- चाहे वे किसी भी दल से हों, सभी को 15 करोड़ रुपए की विकास निधि प्रदान की जाए।
  2. निधि आवंटन की पारदर्शिता सुनिश्चित हो- निधि के वितरण और खर्च की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए ताकि भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर रोक लगाई जा सके।
  3. भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई हो- जिन अधिकारियों और ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।

विधायकों को समान अवसर दिए जाएं

पटवारी ने पत्र में लिखा कि मध्यप्रदेश की जनता ने अपने विधायकों को विकास के लिए चुना है, न कि भेदभाव और भ्रष्टाचार झेलने के लिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि यदि उनकी सरकार वास्तव में "सबका साथ, सबका विकास" की नीति पर विश्वास रखती है, तो इस अन्यायपूर्ण नीति को तुरंत समाप्त किया जाए और सभी विधायकों को समान अवसर और अधिकार दिए जाएं।

भाजपा ने किया पलटवार

पटवारी के पत्र पर मंत्री तुलसी राम सिलावट ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी विधायक के साथ भेदभाव नहीं करती है। 'सबका साथ, सबका विकास' के तहत सबको साथ लेकर चलना और सबका सर्वांगीण विकास ही भाजपा का संकल्प है। ये भी पढ़ें- इंदौर : कपड़ा मार्केट में आग लगाने वाला दुकान का कर्मचारी निकला, नौकरी से निकाले जाने का लिया बदला, कबूला जुर्म
Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

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