Naresh Bhagoria
19 Jan 2026
भोपाल। अयोध्यानगर पुलिस ने एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान सक्रिय एक बड़े ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना अयोध्यानगर जोन-2 पुलिस ने कॉल सेंटर पर दबिश देकर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से 40 मोबाइल फोन, 80 सिम कार्ड, 177 एटीएम कार्ड, 5 लैपटॉप, 2 कार, केस काउंटिंग मशीन और 3.54 लाख रुपए नकद समेत करीब 50 लाख रुपए की सामग्री को जब्त किया है। पुलिस ने आरोपियों के खातों में जमा करीब 15 लाख रुपए भी फ्रीज कर दिए हैं। गिरोह के करोड़ों रुपए के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए ऑनलाइन गेमिंग पैनल हासिल कर सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोपी 'रुद्र डायमंड' नाम की वेबसाइट और पैनल का इस्तेमाल कर देशभर के ग्राहकों को आईडी उपलब्ध कराते थे और क्रिकेट सहित अन्य खेलों पर ऑनलाइन बेटिंग करवाते थे। ग्राहक फर्जी बैंक खातों में पैसे जमा कराते थे, जिसके बदले उन्हें बेटिंग पॉइंट दिए जाते थे।
गिरोह पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार लोकेशन बदलता था। कभी कार में तो कभी शहर के रेसिडेंशियल मल्टी में सेटअप लगाकर ऑनलाइन सट्टा कराया जाता था। पुलिस ने पहले मीनाल क्षेत्र में कार से संचालित सट्टे का पर्दाफाश किया। वहां से दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद भोजपुर रोड स्थित आरआरजी टाउनशिप मल्टी में बने कॉल सेंटर पर छापा मारा गया, जहां पांच अन्य आरोपी पकड़े गए।
आरोपी फर्जी बैंक अकाउंट और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर लेन-देन करते थे। वे आपस में व्हाट्सऐप के जरिए ही संपर्क में रहते थे ताकि किसी की पहचान उजागर न हो सके। पुलिस को आरोपियों से एक रजिस्टर भी मिला है, जिसमें लगभग 1.5 करोड़ रुपये के लेन-देन का हिसाब दर्ज है।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में सामान बरामद किया, जिसमें शामिल हैं:
इसके अलावा लगभग 50 एटीएम कार्ड ब्लॉक कर उनमें जमा 15 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।
पुलिस ने इस कार्रवाई में 7 आरोपियों को पकड़ा है, जो मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से हैं-
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह पहले से प्रतिबंधित महादेव एप की तर्ज पर तैयार “रुद्र डायमंड” पोर्टल का इस्तेमाल कर रहा था। इस पैनल के जरिए क्रिकेट समेत विभिन्न खेलों पर बड़े स्तर पर ऑनलाइन बेटिंग करवाई जा रही थी।
एशिया कप क्रिकेट के दौरान इस गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी के तहत डीसीपी विवेक सिंह, एडीसीपी गौतम सोलंकी और एसीपी मनीष भारद्वाज के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की।
पुलिस ने आरोपियों पर धारा 4(क) सट्टा एक्ट और 112(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पूछताछ में और भी बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद है। साथ ही, फर्जी खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच के लिए साइबर सेल को शामिल किया गया है।