भोपाल: एमपी नगर में फ्लाईओवर के पिलर बने शहर की नई आर्ट गैलरी, पेंटिंग ने खींचा सबका ध्यान

भोपाल। पहले जिन पिलरों पर धूल, कचरा और पोस्टर नजर आते थे, अब वहां रिश्ते, बचपन, दोस्ती और भारतीय संस्कृति के रंग दिखाई दे रहे हैं। पेंटिंग्स को देखने के लिए लोग रुक रहे हैं, सेल्फी ले रहे हैं और बच्चे भी इन्हें देखकर खुश हो रहे हैं।
रंगों से सजे फ्लाईओवर के पिलर
राजधानी में सड़कों के किनारे दीवारों पर पहले भी कई तरह की पेंटिंग्स नजर आती रही हैं। इनमें ट्राइबल पेंटिंग्स से लेकर अलग-अलग कलाकृतियां शामिल हैं। अब एमपी नगर में जीजी फ्लाईओवर के नीचे से गुजरने पर ऐसा लगता है, जैसे किसी ओपन आर्ट गैलरी में आ गए हों।

हर पिलर कह रहा जिंदगी की कहानी
यहां के बेजान और बदरंग पिलरों को रंगों से इस तरह सजाया गया है कि हर पिलर जिंदगी की एक कहानी कह रहा है। कहीं पिता के कंधे पर बैठी नन्ही बेटी चुप रहने का इशारा कर रही है, तो कहीं तीन बच्चे रस्सी कूदते हुए अपने बचपन को जी रहे हैं। इन तस्वीरों में जिंदगी के अलग-अलग रंग दिखाई दे रहे हैं।

दोस्ती और परिवार की झलक भी
एक दीवार पर दो सहेलियों की गपशप उकेरी गई है, जिसमें उनकी हंसी और सखी-सहेली वाला अंदाज एकदम असली लगता है। वहीं एक पिलर पर माता-पिता अपने नन्हे बच्चे के साथ घूमने निकले हैं। इसमें परिवार की खुशी और साथ घूमने का सुकून साफ झलकता है।

दुल्हन की पेंटिंग खींच रही सबसे ज्यादा ध्यान
सबसे ज्यादा ध्यान सजी-संवरी दुल्हन की पेंटिंग खींच रही है। लाल जोड़े में सजी दुल्हन का शर्माता चेहरा और पारंपरिक शृंगार देखकर हर कोई कुछ पल रुककर उसे निहार रहा है। पेंटिंग में भारतीय संस्कृति और पारंपरिक शृंगार की खूबसूरत झलक दिखाई दे रही है।
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शहर की सूरत बदल रहा प्रयोग
यह प्रयोग शहर की सूरत बदल रहा है। पहले जहां इन पिलरों पर धूल, कचरा और पोस्टर नजर आते थे, अब वहां रिश्ते, बचपन, दोस्ती और भारतीय संस्कृति के रंग बिखरे हैं। लोग यहां रुककर सेल्फी ले रहे हैं और बच्चे इन पेंटिंग्स को देखकर खुश हो रहे हैं।




















