
भोपाल। राजधानी के प्रतिष्ठित रवींद्र भवन की पार्किंग में 15 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता मऊगंज जिले की रहने वाली है और घटना के समय अपने पिता के साथ लोकरंग मेले में आई थी। आरोपियों ने भीड़ का फायदा उठाकर उसे पार्किंग में ले जाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब पीड़िता के परिजन शिकायत लेकर श्यामला हिल्स थाने पहुंचे, तो पुलिस ने 9 घंटे तक उन्हें बैठाए रखा और आखिरकार बिना एफआईआर दर्ज किए ही भगा दिया।
क्या है मामला
एफआईआर के अनुसार, पीड़िता के पिता भोपाल में मजदूरी करते हैं। 30 जनवरी को वे अपनी बेटी के साथ रवींद्र भवन में लगे लोकरंग मेले में गए थे। वहीं, उनके परिचित की दुकान भी लगी थी। इसी दौरान भगवान सिंह मेवाड़ा और एक अन्य व्यक्ति वहां पहुंचे। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर वे किशोरी को पार्किंग क्षेत्र में ले गए और वहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
इसके बाद आरोपियों ने किशोरी को धमकी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया, तो उसे जान से मार दिया जाएगा। घटना के बाद किशोरी की तबीयत बिगड़ने लगी। जब परिजन उसे डॉक्टर के पास ले गए, तब इस जघन्य अपराध का खुलासा हुआ।
पुलिस ने बरती लापरवाही
घटना के बाद पीड़िता और उसके परिजन न्याय की उम्मीद में श्यामला हिल्स थाने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने 9 घंटे तक उन्हें टालमटोल में रखा और बिना एफआईआर दर्ज किए भगा दिया। जब भोपाल पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया, तो पीड़ित परिवार ने अपने गृह जिले मऊगंज में शिकायत दर्ज कराई। एएसपी मऊगंज अनुराग पांडेय ने बताया कि इस मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर इसे भोपाल स्थानांतरित कर दिया गया है।
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