मानसून की पहली बारिश में मेट्रो रूट बने डेंजर जोन:जलभराव से हादसों का खतरा, जर्जर सड़कों से बढ़ी परेशानी

शाहिद खान, भोपाल। शाम करीब 5 बजे शुरू हुई झमाझम बारिश ने करीब एक घंटे में सड़कों को पानी से भर दिया। मेट्रो निर्माण वाले इलाकों में गड्ढे, कीचड़ और जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। करोंद से सिंधी कॉलोनी और रायसेन रोड के कई हिस्सों में वाहन चालकों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ा।
ऑरेंज लाइन कॉरिडोर में सबसे ज्यादा खराब हुए हालात
अगर शहर में सबसे ज्यादा खराब हालत कहीं दिखे तो वह करोंद से डीआईजी बंगला चौराहा होते हुए काजीकैंप और सिंधी कॉलोनी तक 2.5 किमी का हिस्सा रहा। यहां मेट्रो की ऑरेंज लाइन का निर्माण चल रहा है और सड़क कई जगह पूरी तरह उखड़ चुकी है। बारिश के बाद इस पूरे हिस्से में बने बड़े गड्ढे पानी से भर गए थे। ऊपर से देखने पर सड़क सामान्य दिख रही थी, लेकिन वाहन जैसे ही आगे बढ़ते, अचानक झटके लग रहे थे। लोगों को लगातार सावधानी बरतकर निकलना पड़ा।

गड्ढे होने से हादसे का खतरा
आरिफ नगर मस्जिद से डीआईजी बंगला, काजीकैंप से सिंधी कॉलोनी करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में 30 से 40 फीट चौड़ी सड़क सिकुड़कर लगभग 10 फीट रह गई है। एक तरफ बेरिकेडिंग और मशीनें, दूसरी तरफ कीचड़ और बीच में वाहन चालकों की जद्दोजहद साफ नजर आई। बारिश के बाद हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए। कई जगहों पर वाहनों की रफ्तार खुद ही धीमी हो गई। दोपहिया चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।

डीआईजी बंगला चौराहे पर हुआ जलभराव
डीआईजी बंगला चौराहे से चौकसे नगर तक मेट्रो निर्माण के कारण ड्रेनेज सिस्टम प्रभावित है। बारिश के बाद चौराहे पर पानी जमा हो गया। पानी निकालने के लिए नगर निगम को कवर्ड नाले खोलने पड़े। सड़क किनारे 5 से 7 जगह 5-6 फीट गहरे खुले नाले हैं, जिनमें बारिश का पानी भर गया। यहां जरा सी चूक सीधे हादसे में बदल सकती थी।
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ब्लू लाइन कॉरिडोर पर भी बिगड़े हालात
दूसरी तरफ रायसेन रोड पर मेट्रो की ब्लू लाइन का काम चल रहा है। यह कॉरिडोर रत्नागिरी तिराहे से पिपलानी, इंद्रपुरी, जेके रोड तिराहा, गोविंदपुरा गेट, पुल बोगदा, जहांगीराबाद, रोशनपुरा, रंग महल चौराहा और भदभदा तक जाता है। यहां सड़कें पहले से ही जगह-जगह खुदी हुई थीं। बारिश के बाद हालात और ज्यादा खराब नजर आए। लोगों को सावधानी के साथ आवागमन करना पड़ा।
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गड्ढों और कीचड़ ने बढ़ाई परेशानी
रायसेन रोड के कई हिस्सों में गड्ढों में पानी भर गया था, जिससे चार पहिया वाहन चालकों को भी स्पीड कम करनी पड़ी। दोपहिया वाहन चालक फिसलने से बचने के लिए किनारे-किनारे निकलते दिखे। कई हिस्सों में कीचड़ सड़क तक फैल गया था। इससे ट्रैफिक बार-बार धीमा पड़ रहा था। वाहन चालकों को लगातार संतुलन बनाकर चलना पड़ा।
भारी ट्रैफिक वाले मार्ग पर बढ़ा जोखिम
बता दें कि रायसेन रोड पर भारी वाहन और इंडस्ट्रियल ट्रैफिक ज्यादा रहता है। ऐसे में बारिश के बाद सड़क की स्थिति ने जोखिम को और बढ़ा दिया। कई जगहों पर जलभराव और खराब सड़क के कारण वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। मेट्रो निर्माण कार्य के बीच बारिश ने व्यवस्थाओं की चुनौतियों को उजागर कर दिया। आने वाले दिनों में लगातार बारिश होने पर हालात और मुश्किल हो सकते हैं।
बारिश के बाद बढ़ी परेशानी, हादसों का डर
करोंद निवासी बाइक सवार राहुल वर्मा ने बताया कि वह रोज करोंद से एमपी नगर तक बाइक से जाते हैं। पिछले कई महीनों से सड़क खराब है, लेकिन बारिश के बाद हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं। इसी के साथ काजीकैंप निवासी इदरीस खान ने कहा कि मेट्रो का काम शुरू होने के बाद से सड़क लगातार खराब है, लेकिन पहली बारिश ने दिक्कत कई गुना बढ़ा दी है। वही ऑटो चालक महेश मालवीय ने बताया कि रोज इसी रास्ते से सवारी लेकर गुजरना पड़ता है। बारिश के बाद चौराहों पर इतना पानी भर गया कि कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। पिपलानी निवासी अजय सिंह का कहना है कि मेट्रो का काम शहर के लिए जरूरी है, लेकिन निर्माण के दौरान लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। रायसेन रोड पर पहले से सड़कें खराब थीं और बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से परेशानी और बढ़ गई है।












