
जबलपुर। यह कोई फिल्मी दृश्य नहीं था और न ही हकीकत थी। ये केवल मॉक एक्सरसाइज थी। दरअसल पिछले वर्ष झारखंड के देवघर स्थित त्रिकूट रोप-वे में हादसा हुआ था। इसी को मद्देनजर रखते हुए एनडीआरएफ वाराणसी की टीमों द्वारा आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन योजना के तहत उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के रोप-वे स्थलों स्थानीय प्रशासन के साथ सयुंक्त मॉक अभ्यास किया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को डिप्टी कमांडेंट सन्तोष कुमार की देखरेख में भेड़ाघाट में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, विभिन्न हितधारकों एवं रोप-वे संचालन से जुड़े कर्मचारियों के साथ संयुक्त रूप से केबल कार आपात स्थिति पर मॉकअभ्यास किया गया।
90 फीट की ऊंचाई पर अटक गई रोप-वे
मॉक एक्सरसाइज के दौरान केबल कार इमरजेंसी पर एक परिदृश्य चित्रित किया गया । जिसमें नर्मदा भेड़ाघाट में रोप-वे पर किसी तकनीकी समस्या की वजह से केबल कारें लगभग 90 फुट की ऊंचाई पर अटक गई हैं और उनके अंदर यात्री फंस गये।
इस तरीके से हुई मॉक एक्सरसाइज
मॉक एक्सरसाइज में सर्वप्रथम आपातकालीन नियंत्रण को सूचना दी गई । जहाँ से एनडीआरएफ नियंत्रण कक्ष और सभी संबंधित हितधारकों को आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए सूचित किया । घटना स्थल पहुंचते ही एनडीआरएफ की टीम ने प्रारंभिक मूल्यांकन किया और साथ ही आॅपरेशन के बेस, कमांड पोस्ट, मेडिकल पोस्ट और संचार पोस्ट की स्थापना की और आकलन के बाद टीम ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया।
रस्सी के माध्यम से पीड़ितों को निकाला गया
रोप-वे में फंसे पीड़ितों को रस्सी व अन्य तकनीक के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकाला गया। मेडिकल एजेंसियों द्वारा प्राथमिक उपचार देने के बाद सभी पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया गया। पूरे अभ्यास के दौरान इंसिडेंट रिस्पोंस सिस्टम (आईआरएस ) के दिशा-निदेर्शों पर जोर दिया गया और इसका पालन किया गया।
इन विभागों ने भाग लिया मॉक एक्सरसाइज में
मॉक अभ्यास में डीडीएमए, स्वास्थ्य, एसडीईआरएफ, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग, वन विभाग, अस्पताल के कर्मचारी, रोप-वे टीम के कर्मचारी, विभिन्न हितधारकों के कर्मियों ने भाग लिया।